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- विधानसभा चुनाव में “आप” के लिए अपना अस्तित्व बचाना भी मुश्किल.... AAP विधायक अलका लांबा
Posted by : achhiduniya
25 June 2019
आप सुप्रीमो और दिल्ली के
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी
पार्टी की विधायक अलका लांबा के बीच बढ़ते वैचारिक मतभेद जग
जाहीर होते जा रहे
है। अलका का कहना है कि वह जन प्रतिनिधि के रूप में
यहां काम करने आई हैं,लेकिन बार-बार पार्टी उनको हर काम
से दरकिनार कर रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अलका लांबा के
क्षेत्र में वाटर प्लांट का उद्घाटन करने आए,लेकिन इस
कार्यक्रम में क्षेत्र की विधायक को ही नहीं बुलाया गया। हद तो तब हो गई जब कार्ड
पर भी उनका नाम नहीं छापा गया।
अलका का कहना है कि अब तो हालात ऐसे हो गए
हैं कि पार्टी के अहम मसलों से भी उन्हे दूर रखा जाने
लगा है और उनसे पार्टी से जुड़े मसलों पर राय भी नहीं ली जाती है। इसके साथ ही
उनकी कोई बात भी नहीं सुनी जाती है। अब अलका लांबा से यह सवाल पूछा जाने लगा है कि
वह आप छोड़ किस पार्टी का दामन थामेंगी। इस सवाल के जवाब में वो कहती हैं कि समय
आने पर इस सवाल का उत्तर खुद ब खुद मिल जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि वह अपने क्षेत्र की
जनता से पूछ रही है कि उन्हें आगे क्या करना चाहिए? आने वाले
विधानसभा चुनाव को लेकर अलका लांबा ने कहा कि जो पार्टी आंदोलन से खड़ी हुई थी, वर्तमान में पार्टी पूरी तरीके से बिखर गई है।
अलका
ने यह भी कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हालत ऐसी है कि
उसको अपना अस्तित्व बचाना भी मुश्किल हो जाएगा। अब अलका लांबा अपना विधानसभा
कार्यकाल पूरा करते ही खुद को आप पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर अलग
कर लेंगी।


