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क्या पिता [कैलाश विजयवर्गीय] के नक्शे कदम पर चलकर राजनिति चमकाना चाहते है दबंग पुत्र [आकाश विजयवर्गीय]....?
Posted by : achhiduniya
28 June 2019
इंदौर की राजनीति में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की आक्रामक नेता की छवि रही है, उनसे जुड़े किस्से हमेशा चर्चाओं में रहे है। अब उनके विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय द्वारा गंजी कंपाउंड में स्थित जर्जर मकान को गिराने गए नगर निगम के अमले में शामिल अधिकारी धीरेंद्र बायस पर क्रिकेट का बल्ला चला दिया। इस घटनाक्रम ने कैलाश विजयवर्गीय के राजनीतिक अंदाज की याद ताजा कर दी है। लगभग दो दशक पहले का वाकया है, जब स्थानीय लोगों की पानी की समस्या को लेकर कैलाश विजयवर्गीय नगर निगम आयुक्त के आवास का घेराव करने पहुंचे थे।
यहां
विजयवर्गीय ने तब एक अधिकारी के सामने जूता तान लिया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता
के के मिश्रा ने कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक अफसर के सामने जूता ताने होने की
तस्वीर जारी करते हुए कहा,यह घटना वर्ष 1994 की है, जब विजयवर्गीय विधायक हुआ करते थे, उनका वहां मेयर हाउस के पास विवाद हुआ, इस दौरान उन्होंने वहां तैनात आईपीएस अधिकारी
प्रमेाद फलणीकर पर जूता चलाया था। अब उनके बेटे ने बल्ला चलाया है, यही है संस्कारवान बेटा। कैलाश विजयवर्गीय और
आकाश को करीब से जानने वाले दोनों को अलग-अलग मानते है। उनका कहना है कि, दोनों की कार्यशैली अलग-अलग है, कैलाश विजयवर्गीय की राजनीति आक्रमक रही है। वह
हमेशा ही राजनीति में तीखे तेवरों के लिए जाने जाते रहे हैं।
उनका अपने विरोधियों
से निपटने का भी उनका अलग तरीका है, वहीं आकाश अलग
है, वे गंभीर है और युवाओं में धार्मिकता लाने
के लिए एक संगठन भी चलाते है। इस घटना को बदलते आकाश के तौर पर देखा जा रहा है। आकाश
का अफसर को पीटने के बाद के बयान की भी खूब चर्चा है, जिसमें उन्होंने कहा था,भाजपा ने सिखाया है, पहले आवेदन, फिर निवेदन और
फिर दे दनादन। हमने हाथ जोड़कर निवेदन कई बार किया, अभी तो यह
सिर्फ शुरुआत है। अब यह लड़ाई इनके खात्मे के साथ खत्म होगी।


