- Back to Home »
- Agriculture / Nature »
- जल संरक्षण की पहल में रेलवे बना रहा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट शुद्ध होगा हर दिन 6 लाख लीटर पानी...
Posted by : achhiduniya
10 July 2019
नीति आयोग की रिपोर्टके अनुसार अगर जल संरक्षण और संवर्धन को
लेकर उचित कदम नहीं उठाए गए तो अगले दो सालों में दर्जनों जिलों में भूजल पूरी तरह
सूख जाएगा, जिसके बाद स्थिति विकराल हो जाएगी। इस
रिपोर्ट में पानी को बर्बाद होने से रोकने और साथ ही पानी को साफ कर बार-बार यूज
करने जैसे सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया गया था। देश भर में पानी के बढ़ते संकट
को देखते हुए उत्तरी रेलवे ने ऐसा मेगा प्लांट तैयार किया है जो कि ट्रेन धोते समय
इस्तेमाल किए गए पानी को साफ कर हर दिन दोबारा वहीं पानी इस्तेमाल कर रहा है। इतना
ही नहीं साफ किए गए इस पानी को ट्रेन धोने के अलावा हॉर्टिकल्चर के लिए भी
इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां तक की अल्ट्रा फिल्ट्रेशन के बाद इस पानी को पीने
के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस प्लांट की कैपेसिटी हर दिन 6 लाख लीटर की
है, और हर बार इसमें से 10% पानी कम होता
जाएगा. यानी की अगर 6 लाख लीटर की कैपेसिटी है तो लगभग 5 लाख 46 हजार लीटर पानी
वापस साफ हो जाएगा और बचे हुए गंदे पानी को भी ट्रीट करके उसका स्लज और उपले बना
कर उसका खाद बनाया जाएगा। ये पानी फिलहाल सिर्फ ट्रेनों को साफ करने और बागवानी के
लिए इस्तेमाल किया जाएगा। शुरुआत में 2 ट्रेनें इस पानी से धोई जा रही हैं आगे
क्रॉसिंग लाइन का काम पूरा होने के बाद और भी ट्रेने यहां धोई जाएंगी। देश में हर
दिन 12 हजार से भी ज्यादा ट्रेनें पटरियों पर दौड़ती हैं।
![]() |
| [प्रतीकात्मक चित्र] |
![]() |
| [प्रतीकात्मक चित्र] |



