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आम्रपाली बिल्डर ग्रुप आपके पीछे जो भी पावरफुल लोग खड़े हैं हम किसी को नहीं छोड़ेंगे....सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती
Posted by : achhiduniya
23 July 2019
आम्रपाली बिल्डर के मामले में शीर्ष अदालत ने सुनवाई के बाद 10 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया
था। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से आम्रपाली
ग्रुप के 42000 से ज्यादा खरीददारों को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश
देते हुए कहा कि आम्रपाली ग्रुप के अधूरे प्रोजेक्ट को एनबीसीसी पूरा करेगा। अपने निर्णय में अदालत ने एनबीसीसी से अधूरे
प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि साल 2015 से
2018 के बीच आम्रपाली का अकाउंट मैंटेन नहीं था, इसी दौरान
पैसा इधर से उधर हुआ है 

इससे पहले भी अदालत ने आम्रपाली ग्रुप को फटकार लगाते हुए
कहा था कि आपने आसमान की ऊंचाई तक लोगों के साथ धोखा किया है। आपने बायर्स, बैंक और प्राधिकरण तीनों के साथ धोखा किया। अदालत
ने सख्त लहजे में कहा था आपके पीछे जो भी पावरफुल लोग खड़े हैं हम किसी को नहीं
छोड़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि होम बायर्स पेंडिंग अमाउंट तीन
महीने में जमा कराएं। अदालत ने कहा कि डायरेक्टर्स ने खरीदारों के पैसे को कहीं और
डायवर्ट किया। बिल्डर्स ने भारी मात्रा में बायर्स से पैसा लिया। शीर्ष अदालत ने
सख्त टिप्प्णी करते हुए कहा कि आम्रपाली ग्रुप ने मनी लॉन्ड्रिंग की है। फ्लैट की
बोगस अलॉटमेंट की गई और ग्राहकों के साथ बड़ी धोखाधड़ी की गई। उच्चतम न्यायालय ने
कहा आम्रपाली ग्रुप को नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा दी गई जमीन की लीज
रद्द की जाए।
साथ ही कहा, नोएडा अथॉरिटी आम्रपाली के बायर्स पर
कार्रवाई न करे। आम्रपाली ग्रुप का RERA के तहत किया
गया रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जाए। अदालत ने कहा कि घर खरीदार बाकी बचे हुए पैसे
को तीन महीने में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करा दे। अदालत ने पूरे मामले
में प्रवर्तन निदेशालय को मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच करने के भी आदेश दिए। अदालत
ने आर वेंकट रमानी को कोर्ट रिसीवर नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा और
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को मामले में उचित कार्रवाई करने के लिए भी कहा,मामले की अगली सुनवाई 9 अगस्त को होगी।

