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- कंप्यूटर पर इस तरह के मैसेज से हो जाए सावधान....?
Posted by : achhiduniya
20 July 2019
भारत में इंटरनेट यूज करने वाले लोगों को इस फर्जीवाड़े से
जुड़े गिरोह ने अपना शिकार बनाया है। इंटरनेट यूज करते लोगों के सामने अचानक से एक
पॉपअप खुल रहा है,जिसमें लिखा होता है कि आपके कंप्यूटर पर
वायरस का हमला हुआ है या आपके कंप्यूटर में वायरस आ गया है और अगर आप इससे बचना
चाहते हैं तो एक नंबर पर कॉल करें। यह नंबर अक्सर पॉप-अप पर दिए लिंक के अंदर दिया
होता है। यह नंबर भी अक्सर एक टोल-फ्री नंबर होता है और जैसा कि लोगों की अक्सर
आदत होती है वे फ्री में मिल रही हर चीज की ओर आकर्षित होते हैं। ऐसे ही आकर्षित
होकर वे इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल भी कर देते हैं।
दरअसल ऐसे पॉपअप हम सभी ने
अपनी-अपनी कंप्यूटर स्क्रीन पर कई बार देखे हैं और शायद कुछ ने फोन भी किया हो
लेकिन एक स्टडी में सामने आया है कि हर पांच में से एक आदमी ऐसा जरूर होता है जो
पॉप-अप में दिए टोल फ्री नंबर पर कॉल कर देता है। ये कॉल फेक टेक सपोर्ट सेंटर में
किए गए होते हैं। इसके बाद टेक सर्विस प्रोवाइड कराने के नाम पर उन्हें कंप्यूटर
सुरक्षा के लिए अपना एंटीवायरस खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता है,वैसे अभी तक उपलब्ध आंकड़ो के हिसाब से टोल-फ्री
पर कॉल करने वाले लोगों में से 6 फीसदी लोग इस
फर्जी प्रोडक्ट के लिए पैसे दे भी देते हैं। यह बात माइक्रोसॉफ्ट के एक कंज्यूमर
सर्वे से सामने आई है।
हालांकि इस तरह की ठगी का सबसे बड़ा शिकार अमेरिकी होते हैं,लेकिन माइक्रोसॉफ्ट ने भारत और चीन को मुख्य
ठिकाना पाया है जहां ऐसे फेक कॉल सेंटर चलाए जा रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी
स्टडी के लिए 16 देशों का अध्ययन किया था। अमेरिका की
स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी की एक स्टडी ने इस बारे में पिछले साल भी एक खुलासा किया
था। जिसमें कहा गया था कि 142 वेब डोमेन में एक जैसे ही पॉप-अप भेजकर यह
धोखाधड़ी चल रही है और इससे मात्र दो महीनों में करीब 7 करोड़ तक की धोखाधड़ी हो जाती है। ऑनलाइन
सॉल्यूशन एक ऐसा बिजनेस है जिसमें भारत बहुत अच्छा करता है। यह 28 बिलियन डॉलर की आउटसोर्सिंग इंडस्ट्री है। जिसमें
फिलहाल करीब 12 लाख लोग काम करते हैं। पिछले साल आई
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ऐसी ही एक फर्जीवाड़ा कंपनी का खुलासा हुआ
था।


