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आतंकियों को पुलिसवालों की जगह पर भ्रष्ट नेताओं और नौकरशाहों की हत्या करनी चाहिए.....गवर्नर सत्यपाल मलिक का विवादास्पत बयान
Posted by : achhiduniya
21 July 2019
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने करगिल में भाषण के दौरान राज्यपाल ने कहा, ये लड़के जो बंदूक लिए फिजूल में अपने लोगों को मार रहे हैं। पीएसओ, एसडीओ को मारते हैं। क्यों मार रहे हैं इनको? उन्हें मारो जिन्होंने तुम्हारा मुल्क लूटा है, जिन्होंने कश्मीर की सारी दौलत लूटी है। इनमें से भी कोई मारा है अभी? बंदूक से कुछ हासिल नहीं होगा। मलिक ने कहा कि आतंकियों को पुलिसवालों की जगह पर भ्रष्ट नेताओं और नौकरशाहों की हत्या करनी चाहिए। दूसरी ओर, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गर्वनर के इस बयान की निंदा की है।
इससे पहले मलिक का नाम विवादों
से तब जुड़ा था, जब मलिक ने अचानक कहा था कि आतंकियों की
मौत पर भी उन्हें दुख होता है। मलिक ने कहा था, पुलिस अपना
काम बहुत अच्छे से कर रही है,लेकिन अगर एक
भी जान जाती है, चाहे वह जान आतंकी की भी क्यों न हो तो
मुझे तकलीफ होती है। इस बीच उमर अब्दुल्ला
ने ट्वीट किया, एक संवैधानिक पद पर बैठा यह शख्स एक
जिम्मेदार व्यक्ति है, जो आतंकियों को भ्रष्ट कहे जाने वाले
नेताओं को मारने के लिए कहता है। शायद इस आदमी को गैरकानूनी हत्याओं और कंगारू
अदालतों को मंजूरी देने से पहले इन दिनों दिल्ली में अपनी प्रतिष्ठा के बारे में
पता लगाना चाहिए। आपको बता दें कि राज्य में राज्यपाल शासन जून 2018 में लगाया गया था, जब बीजेपी ने
प्रदेश में गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था और पीडीपी नीत सरकार
अल्पमत में आ गई थी।
इसके बाद दिसंबर 2018 में
राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में
राष्ट्रपति शासन की अवधि को छह महीने बढ़ाने का प्रस्ताव किया था। गृहमंत्री के
प्रस्ताव में कहा गया था कि यह सभा जम्मू कश्मीर राज्य के संबंध में राष्ट्रपति
द्वारा संविधान के अनुच्छेद 356 के अंतर्गत
जारी 19 दिसंबर 2018 की उद्घोषणा
के प्रवर्तन को 3 जुलाई 2019 से और छह
महीने की अवधि के लिए आगे जारी रखने का अनुमोदन करती है। शाह ने कहा था कि
जम्मू-कश्मीर में अभी विधानसभा अस्तित्व में नहीं है इसलिए मैं यह विधेयक लेकर आया
हूं कि 6 माह के लिए और राष्ट्रपति शासन को बढ़ाया
जाए।


