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- अब इस कारोबार में भी छाए मंदी के बादल,बेरोजगारी की बाढ़ में डूबेंगे कई परिवार.....?
Posted by : achhiduniya
20 August 2019
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुज़ुकी समेत ह्यूंडई, महिंद्रा, हॉन्डा कार और
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स जैसी प्रमुख वाहन कंपनियों की बिक्री में जुलाई में दहाई
अंक की गिरावट दर्ज की गई थी और यह भी
बताया गया था देशभर में सैकड़ों डीलरशिप बंद हो गई हैं। अब देश का टेक्सटाइल
सेक्टर भी मंदी की चपेट में आता नज़र आ रहा है और टेक्सटाइल मिलों के संगठन का दावा है कि न
सिर्फ बड़ी तादाद में नौकरियां खत्म हो रही हैं, बल्कि देशभर
में एक-तिहाई मिलें बंद हो चुकी हैं। अंग्रेज़ी समाचारपत्र इंडियन एक्सप्रेस में मंगलवार को आधे पेज का एक बड़ा-सा विज्ञापन
छपा है, जिसमें नौकरियां खत्म होने के बाद फैक्टरी
से बाहर आते लोगों का स्केच बनाया गया है।
इसके नीचे बारीक आकार में लिखा है कि
देश की एक-तिहाई धागा मिलें बंद हो चुकी हैं और जो चल रही हैं, वे भारी घाटे
में हैं। उनकी स्थिति ऐसी भी नहीं है कि वे भारतीय कपास ख़रीद सकें, सो, कपास की आगामी
फ़सल का कोई ख़रीदार नहीं होगा। अनुमान है, 80,000 करोड़ रुपये
का कपास उगने जा रहे है, सो, इसका असर कपास
के किसानों पर भी होगा।
फरीदाबाद टेक्सटाइल एसोसिएशन के अनिल जैन ने बताया था कि
टेक्सटाइल सेक्टर में 25 से 50 लाख के बीच
नौकरियां गई हैं। इस संख्या पर यक़ीन नहीं
हुआ था, लेकिन आज टेक्सटाइल सेक्टर ने विज्ञापन
देकर कलेजा ही दिखा दिया है। धागों की फैक्टरियों में एक और दो दिन की बंदी होने
लगी है, धागों का निर्यात 33 फीसदी कम हो गया है।


