- Back to Home »
- Judiciaries , National News »
- फेसबुक,ट्विटर,वॉट्सऐप यूजर प्रोफाइल आधार से जोड़ने को लेकर छिड़ी बहस पर सुप्रीम कोर्ट फेसबुक की याचिका पर सुनवाई को तैयार...
फेसबुक,ट्विटर,वॉट्सऐप यूजर प्रोफाइल आधार से जोड़ने को लेकर छिड़ी बहस पर सुप्रीम कोर्ट फेसबुक की याचिका पर सुनवाई को तैयार...
Posted by : achhiduniya
20 August 2019
फेसबुक की तरफ से भी मांग की गई कि मामले की सुनवाई सुप्रीम
कोर्ट ही करें। फेसबुक का कहना है कि ये निजिता का मामला है। सुप्रीम कोर्ट ने
फेसबुक से पूछा मद्रास हाई कोर्ट में कितने याचिका लंबित है। फेसबुक की तरफ से 2 याचिकाओं
के बारे में बताया गया। सोशल मीडिया की तरफ से कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले को
सुप्रीम कोर्ट सुने और आदेश जारी करें। ये ग्लोबल मामला है तो ऐसा ना हो कि एक हाई
कोर्ट कुछ आदेश पारित करें और दूसरा हाई कोर्ट कुछ और। कपिल सिब्बल ने कहा कि
केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर सोशल मीडिया का पक्ष पूछना चाहिए।
यूजर प्रोफाइल आधार से जोड़ने को लेकर सुप्रीम कोर्ट फेसबुक की उस याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है, जिसमें विभिन्न हाईकोर्ट्स में पेंडिंग केसेज़ को शीर्ष अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की गई है। इस मामले में चार याचिकाएं दायर की गई थीं, जिसमें 2 मद्रास में,1 ओडिसा में और 1 मुंबई की है। फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सऐप जैसी सोशल मीडिया साइट्स अकाउंट्स को यूजर प्रोफाइल को आधार से जोड़ने को लेकर मामले ट्रांसफर करने की मांग कर रही फेसबुक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, गूगल, ट्विटर और दूसरे सोशल नेटवर्किंग साइट्स को नोटिस जारी किया है।
यूजर प्रोफाइल आधार से जोड़ने को लेकर सुप्रीम कोर्ट फेसबुक की उस याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है, जिसमें विभिन्न हाईकोर्ट्स में पेंडिंग केसेज़ को शीर्ष अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की गई है। इस मामले में चार याचिकाएं दायर की गई थीं, जिसमें 2 मद्रास में,1 ओडिसा में और 1 मुंबई की है। फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सऐप जैसी सोशल मीडिया साइट्स अकाउंट्स को यूजर प्रोफाइल को आधार से जोड़ने को लेकर मामले ट्रांसफर करने की मांग कर रही फेसबुक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, गूगल, ट्विटर और दूसरे सोशल नेटवर्किंग साइट्स को नोटिस जारी किया है।
इस पर ऐजी ने कहा कि इस मामले को लेकर कोर्ट में 18
दिनों तक सुनवाई हुई है, वहां फेसबुक की तरफ से कहा गया था कि वो
हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को मानते हैं। ऐजी का कहना है कि हर उस तरह के मैसेज जिसमें
आपराधिक ऑफेंस शामिल हो या जिससे खुदखुशी को बढ़ावा मिलता है उसे बनाने वाले का पता
चलना ही चाहिए। उधर वॉट्सऐप की तरफ से कहा गया कि पॉलिसी मामले को हाई कोर्ट कैसे
तय कर सकती है। ये संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है। वॉट्सऐप की तरफ से कहा गया
कि सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किया जाए, जिससे वह इस मामले को सुने और निपटारा करें।
इस
पर सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक-आधार को लिंक करने से जुड़े मामलों की सुनवाई मद्रास
हाईकोर्ट में जारी रहने की अनुमति दी, लेकिन कहा कि
अंतिम फैसला नहीं दिया जाएगा। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि आज इस तरह के एप मौजूद है जिसमें, मेरे नंबर का
इस्तेमाल ही कर मैसेज भेजा जा सकता
है। कल को ऐसा हो तो मैं सलाखों के पीछे
चला जाऊंगा। ये बेहद गंभीर
मामला है, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट को खुद इस मामले
की सुनवाई करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फेसबुक, वॉट्सऐप, गूगल, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सहित सभी
याचिकाकर्ताओं और सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसके लिए 2
सितंबर तक का समय दिया गया है। बताया गया कि 13 सितंबर को इस मामले की अगली सुनवाई
होगी।



