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तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं को हर साल 6000 रुपये अगर घर नहीं है तो उन्हें आवास, बच्चों की पढ़ाई, स्कॉलरशिप और आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य कवर देगी....UP योगी आदित्यनाथ सरकार
Posted by : achhiduniya
25 September 2019
तीन तलाक के मामलों में उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, यूपी
में पिछले एक साल में 273 मामले आए थे। हमने सभी में FIR करवाई।
मैंने यहां प्रमुख सचिव, गृह को इसीलिए बुलाया है कि वह इन
सभी मामलों की खुद समीक्षा करें और जिन पुलिस कर्मियों ने लापरवाही बरती है। उन पर भी कार्रवाई हो। सीएम योगी ने आगे कहा,गाड़ी
का एक पहिया पुरूष है तो दूसरी महिला। इसलिए पुरूष के विकास के साथ साथ महिलाओं का
विकास भी बेहद जरूरी है सबको सम्मान के साथ जीने का अधिकार है, यह निर्माण की लड़ाई है, इसे आगे बढ़ाने के लिए ही
हम सभी यहां उपस्थित हुए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में तीन तलाक पीड़ित महिलाओं
से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हिंदू महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी बड़ा बयान
दिया है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद किसी दूसरी महिला से संबंध रखने वाले हिंदू
पुरूष पर भी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही हिंदू परित्यक्ता महिलाओं को भी ऐसा ही
न्याय दिलाया जाएगा। गरीब और वंचित तीन तलाक पीड़ित महिलाओं का केस लड़ने में
सरकार मदद करेगी। इसके अलावा, तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं को
हर साल 6000 रुपये अनुदान देने की योजना बनाई जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा,एक शादी करके दूसरी पत्नी को रखने वाले हिंदू पति पर भी इसी प्रकार की
कार्रवाई करेंगे। परित्यक्ता महिलाओं के लिए भी न्याय देने की प्रक्रिया को उसी के
साथ हम जोड़ेंगे जिसमें हमने कहा था कि यह नारी गरिमा और उनके सशक्तीकरण से जुड़ी
लड़ाई है।
समाज का कोई हिस्सा या कोई भी व्यक्ति खुद को उपेक्षित व अपमानित महसूस
न करे, इसके लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाए। आजादी के
तत्काल बाद ही इस लड़ाई को लड़ना चाहिए था, लेकिन निजी
स्वार्थ हेतु पिछली सरकारों ने ऐसा नहीं किया। सीएम योगी ने कहा, तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं को 6000 रुपये अनुदान देने की योजना बनाई
जाएगी। इसके अलावा हर महिला को अगर घर नहीं है तो उन्हें आवास देने, बच्चों की पढ़ाई, स्कॉलरशिप और आयुष्मान योजना के तहत
स्वास्थ्य कवर देना चाहिए।
संवाद के माध्यम से तीन तलाक का दंश झेल रही महिलाओं की
समस्याओं के समाधान के लिए यह एक छोटा सा प्रयास है। तोड़ना बहुत आसान होता है,
जोड़ना बहुत कठिन है। विध्वंस आसान होता है, पर
निर्माण श्रमसाध्य और कष्टप्रद भी। हमारी लड़ाई सृजन की है। मैं पीएम मोदी का आभार
व्यक्त करता हूं जिन्होंने सदियों से चली आ रही इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए
संसद में कानून बनाया है।



