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- भारत का कर्ज 88.18 लाख करोड़ रुपये, सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय कारपोरेट जगत को राहत दे रही...कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत
भारत का कर्ज 88.18 लाख करोड़ रुपये, सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय कारपोरेट जगत को राहत दे रही...कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत
Posted by : achhiduniya
29 September 2019
कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय कारपोरेट जगत को राहत दे रही है। उन्होंने कहा, सिर्फ यह बोल देने से सब अच्छा नहीं हो जाता कि भारत में सब अच्छा है। आम लोगों के पास पैसे नहीं है और कारपोरेट के कर में कमी कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया, कारपोरेट इससे अपना बहीखाता ठीक करेंगे और निवेश नहीं करेंगे। सरकार जो कदम उठा रही है उससे कर्ज की दर बढ़ेगी। यह सरकार बहुत लघुकालिक सोच के साथ काम कर रही है।
सुप्रिया ने
कहा, इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का कर्ज 88.18 लाख करोड़
रुपये हो गया है। यह इससे पहली की तिमाही के मुकाबले करीब चार फीसदी अधिक है। यह
चिंता का विषय है। उन्होंने कहा,फ्रांस की एक महारानी ने कहा
था कि रोटी के बदले केक खाओ। ऐसा लगता है कि यह सरकार भी इसी रास्ते को अपना रही
है। उसे जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं है।

