- Back to Home »
- Politics »
- डोनाल्ड ट्रंप एक अज्ञानी और जाहिल आदमी हैं...पीएम मोदी को ट्रंप द्वारा फादर ऑफ इंडिया बताए जाने पर भड़के AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी
डोनाल्ड ट्रंप एक अज्ञानी और जाहिल आदमी हैं...पीएम मोदी को ट्रंप द्वारा फादर ऑफ इंडिया बताए जाने पर भड़के AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी
Posted by : achhiduniya
25 September 2019
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'फादर ऑफ नेशन' बताया था। यही नहीं उन्होंने पीएम मोदी की तुलना अमेरिका रॉकस्टार एल्विस प्रेस्ली से भी की थी। डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, मुझे वह भारत याद है, जो काफी बंटा हुआ था। वहां काफी मतभेद, लड़ाई थी, लेकिन वह (पीएम मोदी) सबको साथ लेकर आए। जैसे कि एक पिता सबको साथ लाता है। शायद वह भारत के पिता हैं। हम उन्हें फादर ऑफ इंडिया बुलाएंगे। वहीं, जब ट्रंप से ह्यूस्टन इवेंट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मेरी दाई तरफ जो बैठे हैं लोग उन्हें पसंद करते हैं। लोग पागल हो जाते हैं, वह एल्विस के इंडियन वर्जन हैं। एल्विस प्रेस्ली अमेरिकी सिंगर और ऐक्टर थे। उन्हें किंग ऑफ रॉक ऐंड रोल कहा जाता था।
एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने
हैदराबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, नरेंद्र मोदी
को एल्विस प्रेस्ली कहा गया। इसमें सच्चाई हो सकती है। एल्विस प्रेस्ली के बारे
में जो मैंने पढ़ा है, बेहतरीन गाना गाते थे और मजमा जमाते
थे। हमारे प्रधानमंत्री भी अच्छा भाषण देते हैं और भीड़ जमाते हैं। यह बात मिलती
जुलती है।' ओवैसी ने कहा कि ट्रंप इमरान खान और पीएम मोदी के
साथ डबल गेम खेल रहे हैं, उनके खेल को समझने की जरूरत है। ओवैसी ने कहा कि नरेंद्र मोदी दूर-दूर तक फादर ऑफ इंडिया नहीं हैं। ओवैसी ने यह भी
कहा कि डोनाल्ड ट्रंप एक जाहिल आदमी हैं और पढ़े-लिखे ज्यादा नहीं हैं। ना तो
उनको हिंदुस्तान के बारे में कुछ मालूम है और न उनको महात्मा गांधी के बारे में
कुछ पता है।
ट्रंप को दुनिया के बारे में भी कुछ मालूम नहीं है। ओवैसी ने कहा,
डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को फादर ऑफ द नेशन बताया है। ट्रंप
जाहिल हैं और अज्ञानी हैं। गांधी और मोदी की तुलना नहीं की जा सकती है। मोदी कभी
फादर ऑफ नेशन नहीं हो सकते हैं। एआईएमआईएम चीफ ने कहा, अगर
ट्रंप को मालूम होता तो इस तरह की जुमलेबाजी नहीं करते। महात्मा गांधी को
राष्ट्रपिता का खिताब इसलिए मिला, क्योंकि उन्होंने यह हासिल
की थी। लोगों ने उनकी कुर्बानी को देखकर उन्हें यह उपाधि दी थी। इस तरह के खिताब
दिए नहीं जाते, हासिल किए जाते हैं। पंडित नेहरू और सरदार
पटेल ये हिंदुस्तान की सियासत के कद्दावर शख्सियतें थीं, उनको
भी कभी फादर ऑफ नेशन नहीं कहा गया।


