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- भारत के आयकर अधिकारियो को मिला स्विस बैंकों से काले धन कुबेरो की जानकारी लेने का अधिकार.....
Posted by : achhiduniya
01 September 2019
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और स्विटजरलैंड सरकार के
साथ समझौता हुआ। स्विस बैंकों में भारतीय लोगों के जमा पैसे जिसमें बड़ी मात्रा
में काला धन होने की खबरें आती रही हैं उसकी जानकारी मिल सके। 1 सितंबर से भारत के
टैक्स अधिकारी आसानी से जान सकेंगे कि स्विस बैंकों में किन भारतीयों का कितना
काला धन जमा है। इससे काले धन का पता लगाना आसान हो जाएगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर
बोर्ड (सीबीडीटी) लंबे दिनों से इस इंतजार में था कि किसी तरह स्विस बैंकों से
गोपनीयता का दौर समाप्त हो ताकि वहां जमा काले धन की जानकारी मिल सके। अब वह दौर आ
गया है।
स्विस बैंकों में 1 सितंबर से गोपनीयता का नियम हटने के बाद भारत आसानी से
खाताधारकों की जानकारी जुटा सकेगा। सीबीडीटी आयकर विभाग के लिए नीति बनाता है।
सीबीडीटी के लिए अच्छी बात यह है कि उसे अब स्विट्जरलैंड में भारतीय नागरिकों के
साल 2018 में बंद किए खातों की जानकारी भी मिलेगी। भारत सरकार की ओर से सख्ती
अपनाने के बाद कई लोगों ने स्विस बैंकों में अपने खाते बंद कर दिए थे और पैसा कहीं
और ट्रांसफर कर दिया था। अब टैक्स विभाग को ऐसे लोगों पर भी नकेल कसने में आसानी
होगी। सीबीडीटी के मुताबिक, सूचना लेने-देने की यह व्यवस्था शुरू होने
के ठीक पहले भारत आए स्विट्जरलैंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व सचिव एबी पांडेय, बोर्ड के चेयरमैन पीसी मोदी और बोर्ड के सदस्य
(विधायी) अखिलेश रंजन के साथ
बैठक की। 29-30 अगस्त के बीच आए इस प्रतिनिधिमंडल की
अगुआई स्विट्जरलैंड के निकोलस मारियो ने की। एक आंकड़े के मुताबिक साल 1980 से साल
2010 के बीच 30 साल के दौरान भारतीयों ने लगभग 246.48 अरब डॉलर (17,25,300 करोड़
रुपये) से लेकर 490 अरब डॉलर (34,30,000 करोड़ रुपये) के बीच काला धन देश के बाहर
भेजा। इसमें ज्यादातर हिस्सा स्विस बैंकों में जमा है। भारत सरकार काफी दिनों से
इसकी जानकारी जुटाने की कोशिश में लगी थी। 1 सितंबर से स्विस बैंकों में गोपनीयता
का नियम हटने के बाद भारत को बड़ी कामयाबी हासिल होने जा रही है।


