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आधार कार्ड, वोटर आईडी जैसे कार्ड रखने की जरूरत नहीं...वन स्टेट वन आईडेंटिटी का फार्मूला लागू करने जा रही...कमलनाथ सरकार
Posted by : achhiduniya
09 September 2019
मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के राज में प्रत्येक नागरिक को पहचान नंबर मिलेगा, जिसमें व्यक्ति का नाम, फोन नंबर, पता और फोटो के साथ क्यूआर कोड भी होगा। कार्ड नंबर पर क्लिक करते ही संबंधित व्यक्ति का पूरा बायोडाटा खुल जाएगा यानि किसी को भी अलग-अलग कार्ड्स, जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी जैसे कार्ड रखने की जरूरत नहीं होगी, उसे इस एक कार्ड में सभी तरह की जानकारियां मिल जाएंगी। वहीं इस कार्ड से यह भी जानकारी मिल जाएगी कि संबंधित व्यक्ति को सरकारी योजनाओं के लिए पात्रता के मुताबिक लाभ मिल रहा है या नहीं।
इतना ही नहीं वन स्टेट वन
आईडेंटिटी से यह भी जानकारी मिल जाएगी कि युवक कहां का
निवासी है और वह क्या करता है। मतलब एक
क्लिक पर सारी जानकारी। सरकार इस योजना पर विचार कर रही है। सरकार का मानना है कि नागरिक
को सरकारी दफ्तरों स्कूल-कॉलेजों और अन्य जगहों पर पहचान सहित विभिन्न जरूरतों के
लिए अलग-अलग कार्ड रखना होता है, किसानों को
खेती ऋण पुस्तिका से लेकर खसरा-खतौनी योजनाओं का लाभ मिलता है। इसके बाद सारे
दस्तावेज से मुक्ति मिल जाएगी इस योजना का प्रारूप तैयार है संभावना है कि इसे
जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा। यही नहीं इसमें आधार कार्ड से लेकर सारे पहचान
पत्र समाहित होंगे।
मध्य प्रदेश के विधि विधाई मंत्री पीसी शर्मा की मानें तो जल्द
ही इस प्रस्ताव को राज्य सरकार कैबिनेट में लाने वाली है। प्रस्ताव पर पूरी तरह से
काम हो चुका है। वहीं बीजेपी ने सरकार की इस मंशा पर सवाल उठाए हैं और कार्ड को
सिर्फ फोटो खिंचवाने और छपवाने का एक जरिया बताया है। पूर्व मंत्री विश्वास सारंग
की मानें तो सरकार हमारी तमाम जनउपयोगी योजनाओं को बंद करके उन्हें कार्डों में ही
सस्ती लोकप्रियता के लिए उलझाए रखना चाहती है।


