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- मन की बात में पीएम मोदी ने बताए ई सिगरेट व सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्परिणाम...
Posted by : achhiduniya
29 September 2019
पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल की चौथी मन की बात
में पीएम ने लता
मंगेशकर को याद किया और कहा कि हमारे बीच भाई-बहन का रिश्ता है।पीएम ने कहा आपको जानकर खुशी होगी कि भारत ने ट्रैवल एण्ड टूरिज्म
कॉम्पटेटिव इनडेक्स में बहुत सुधार किया है। आज हमारी रैंक 34 है जो 5 साल पहले 65 थी। अगर हमने और कोशिश की तो आजादी के 75 साल आते-आते हम टूरिज्म में दुनिया के प्रमुख स्थानों में अपनी
जगह बन लेंगे। 15 अगस्त को मैंने लाल किले से कहा था कि 2022 तक आप भारत के 15
स्थानों पर जाएं। कम से कम 15 स्थान और वो भी हो सके तो एक
रात, दो रात रुकने का कार्यक्रम बनाएं।
आप हिंदुस्तान को देखें, समझें, अनुभव करें। आज जब हम गांधी की
150वीं जयंती मना रहे हैं, तो इसके
साथ ही 130 करोड़ देशवासियों ने सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त होने का
संकल्प लिया है। मुझे विश्वास है, आप सब 2 अक्टूबर को सिंगल यूज
प्लास्टिक से मुक्ति के लिए होने वाले अभियान का हिस्सा बनने वाले ही होंगे। प्लास्टिक
से पर्यावरण को होने वाले गंभीर नुकसार से हमें हमारी
आपने वाली पीढ़ी को बचना है। युवा
पीढ़ी देश का भविष्य है। ई सिगरेट पर प्रतिबंध लगाया गया है ताकि नशे का यह नया
तरीका हमारे युवा देश को तबाह न कर दे। हाल ही में भारत में ई सिगरेट पर प्रतिबंध
लगाया गया।
ई सिगरेट के बारे में गलत धारणा पैदा की गई है कि इससे कोई खतरा नहीं
है। सामान्य सिगरेट से अलग ई सिगरेट में निकोटीन युक्त तरल पदार्थ को गर्म करने से
एक प्रकार का केमिकल युक्त धुंआ बनता है। देश के सारे विद्यार्थियों, टीचर और परिजनों से मेरा आग्रह है कि आप स्ट्रेस फ्री एग्जाम से
जुड़े पहलुओं को लेकर के अपने अनुभव मुझे बताइए, सुझाव
बताइए। उस पर मैं सोचूंगा और उसमें से जो मुझे ठीक लगेगा उसको मैं मेरे अपने
शब्दों में लिखने का प्रयास करूंगा। हम बेटियों की उपलब्धियों के बारे में सोशल
मीडिया में अधिक से अधिक शेयर करें और हैशटैग यूज करें। हमारे बीच कई ऐसी बेटियां
होंगी जो अपनी मेहनत और लगन से, टैलेंट से परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर रही होंगी।
क्या इस दिवाली पर भारत
की इस लक्ष्मी के सम्मान के कार्यक्रम हम कर सकते हैं? दीपावली में सौभाग्य और समृद्धि के रूप में, लक्ष्मी का घर-घर आगमन होता है। हमारी संस्कृति में बेटियों को
लक्ष्मी माना गया है, क्योंकि बेटी सौभाग्य और समृद्धि
लाती हैं। क्या इस बार हम अपने समाज, गांव, शहरों में बेटियों के सम्मान के कार्यक्रम रख सकते हैं? क्या इस बार, त्योहारों के इस सीजन में, पूरी जागरूकता और संकल्प के साथ इस चिराग तले अंधेरे को मिटा
सकते हैं। कई गरीब परिवारों के चेहरे पर आई मुस्कान, त्यौहार
पर आपकी खुशियां दो-गुना कर देगी, आपकी दिवाली और रोशन हो जायेगी।



