- Back to Home »
- Discussion , Suggestion / Opinion »
- अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अभिजीत बनर्जी ने अर्थव्यवस्था को उबारने के सुझाए उपाए..
अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अभिजीत बनर्जी ने अर्थव्यवस्था को उबारने के सुझाए उपाए..
Posted by : achhiduniya
22 October 2019
एक साक्षात्कार में अर्थशास्त्र के नोबेल से सम्मानित भारतीय मूल के अमेरिकी
नागरिक अभिजीत ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई अहम सुझाव दिए
हैं। उन्होंने कहा कि
बाजार में डिमांड की कमी है। देश की बड़ी आबादी
खर्च नहीं कर पा रही है। ऐसे में ग्रोथ को फिर से बढ़ावा देने के लिए गरीबों को
ज्यादा से ज्यादा पैसा मुहैया करना होगा। इससे
डिमांड में तेजी आएगी और देश की अर्थव्यवस्था फिर से रफ्तार पकड़ने लगेगी। अभिजीत बनर्जी के साथ उनकी पत्नी
एस्टर डफ्लो को भी अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला है।
अभिजीत बनर्जी से पूछा गया कि देश की अर्थव्यवस्था कैसे 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचेगी तो उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय
से आ रहे आंकड़ों से साफ पता चलता है कि देश की आर्थिक विकास दर काफी धीमी हो गई
है,लेकिन डिमांड को फिर से बढ़ाया जाता है तो आर्थिक ग्रोथ में
रफ्तार लौट सकती है। इसके लिए अब देश के गरीबों को पैसा देना होगा। इससे बाजार में
डिमांड बढ़ सकती है। तभी इकोनॉमी का भी आकार बढ़ेगा। बनर्जी कहते हैं कि भारत में कई
संस्था गरीबों के लिए काम कर रही हैं। खासकर उधार देकर उन्हें बिजनेस करने के लिए
प्रोत्साहित करती हैं। इस रकम से गरीब अपनी जरूरत का सामान नहीं खरीद सकते हैं।
मतलब
साफ है कि उन्हें जो पैसा मिलता है वो उससे टीवी, फ्रिज
जैसी चीजे नहीं खरीद सकते। बनर्जी
का कहना है कि हमें कंपनियों को स्थापित करने के तरीके को आसान बनाना होगा। गीता
गोपीनाथ, रघुराम राजन और मिहिर शर्मा के साथ हमारी किताब 'व्हाट इकोनॉमी नीड्स नाउ' में
हमने प्लग-इन लोकेशंस बनाने की बात कहीं है, जहां
कंपनियां अच्छी कनेक्टिविटी, आसान भूमि अधिग्रहण और शायद
आधुनिक श्रम कानूनों से लाभ उठा सकें। मुझे
नहीं लगता है कि इस साल के तय किया गया राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सरकार हासिल कर
पाएगी। जहां तक मुझे समझ आता है कि देश में डिमांड की कमी है। इसी वजह से मैन्युफैक्चरिंग
नहीं बढ़ रही है। सरकार की ओर से कम किए गए कॉर्पोरेट टैक्स से डिमांड पाना
मुश्किल नजर आता है।


