- Back to Home »
- National News »
- कौन सच्चा...कौन झूठा...? फ्लोर टेस्ट के रूप में होगी सभी राजनैतिक पार्टियो की बुधवार शाम 5 बजे सार्वजनिक तौर पर पूरे देश के सामने अग्नि परीक्षा...
कौन सच्चा...कौन झूठा...? फ्लोर टेस्ट के रूप में होगी सभी राजनैतिक पार्टियो की बुधवार शाम 5 बजे सार्वजनिक तौर पर पूरे देश के सामने अग्नि परीक्षा...
Posted by : achhiduniya
26 November 2019
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस बुधवार को विधान सभा में अपना बहुमत
सिद्ध करें। न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति
अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि विधायकों
की खरीद फरोख्त से बचने के लिये यह जरूरी है। पीठ ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी
से कहा कि वह अस्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी
निर्वाचित प्रतिनिधि बुधवार को ही शपथ ग्रहण कर लें। पीठ ने कहा कि इस समूची
प्रक्रिया को बुधवार की शाम पांच बजे तक पूरा किया जायेगा और इसका सीधा प्रसारण
किया जायेगा।
पीठ ने कहा कि सदन में गुप्त मतदान नहीं होगा। राज्यपाल कोश्यारी
द्वारा नियुक्त अस्थाई अध्यक्ष नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलायेंगे। पीठ ने अपने
आदेश में कहा,मौजूदा मामले में नवनिर्वाचित विधायकों ने अभी तक शपथ ग्रहण नही
की है। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की खरीद फरोख्त से बचने के लिये जरूरी है कि
बहुमत का निर्धारण सदन में ही हो। पीठ ने कहा कि हमारी सुविचारित राय है कि
राज्यपाल को सदन में बहुमत परीक्षण सुनिश्चित करना चाहिए। शीर्ष अदालत ने
संक्षिप्त प्रक्रिया पूरी करते हुये कहा कि देवेन्द्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री पद
की शपथ दिलाने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की
मुख्य याचिका पर जवाब आठ सप्ताह में जवाब दाखिल किये जायेंगे।
न्यायालय ने कहा कि
लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिये सदन में
बहुमत परीक्षण का अंतरिम आदेश देना जरूरी है। संवैधानिक सुचिता को ध्यान में रखते
हुये पीठ ने कहा कि राज्य में चुनाव के नतीजे आने के एक महीने बाद भी निर्वाचित
सदस्यों को शपथ नहीं दिलायी गयी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य में स्थिर सरकार
के लिये जल्द से जल्द सदन में बहुमत परीक्षण कराना होगा और राज्यपाल को निर्वाचित
सदस्यों को शपथ दिलाने के लिये अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त करना चाहिए।


