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- रोजाना एक टन वेस्ट प्लास्टिक से 800 लीटर डीजल बनाने की प्रक्रिया शुरू....मंत्री डॉ.हर्षवर्धन
Posted by : achhiduniya
22 November 2019
प्लास्टिक द्वारा पर्यावरण पर हो रहे नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से बैन लगा दिया। कई रेलवे
स्टेशनो पर बिसलरी जैसी अन्य वॉटर बॉटल को क्र्श करने की मशिने लगाई जा रही है, जिससे उनका दुबारा उपयोग होने से रोका जा सके। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने
लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
(सीएसआईआर) के तहत देहरादून स्थित भारतीय पेट्रोलियम संस्थान में रोजाना एक टन
वेस्ट प्लास्टिक से 800 लीटर डीजल बनाया जा रहा है और इसके लिए दिल्ली में भी
संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
डॉ.हर्षवर्धन ने प्रश्नकाल में बताया कि देहरादून स्थित प्रयोगशाला ने 2016
में इस विषय पर अनुसंधान शुरू किया था और तीन साल के भीतर वहां एक बड़े संयंत्र
में अनुपयोगी प्लास्टिक से डीजल बनाया जा रहा है। इससे पेट्रोल आदि उत्पाद भी बनाए
जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून के घरों से गैर सरकारी संगठनों (NGO) की मदद से वेस्ट प्लास्टिक इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने
कहा कि डीडीए आदि संस्थानों की मदद से दिल्ली में भी इसके लिए संयंत्र लगाए
जाएंगे। हर्षवर्धन ने कहा कि सीएसआईआर विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान कर रहा है
तथा कई उपयोगी चीजें तथा तकनीक विकसित कर रहा है।

