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शपथग्रहण समारोह में संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं,विधानसभा सत्र नियमों के खिलाफ बुलाया गया… महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस का उद्धव ठाकरे सरकार पर आरोप...
Posted by : achhiduniya
30 November 2019
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा ने अधिवेशन पर सवाल उठाए। हंगामे के बीच उद्धव ठाकरे ने प्रोटेम स्पीकर के आदेश के बाद सरकार की कैबिनेट में शपथ ले चुके नये मंत्रियों का पहले सदन मे परिचय कराया, लेकिन हंगामा जारी रहा। सदन में विश्वास मत पर वोटिंग होनी थी, लेकिन विपक्ष ने भारी हंगामा किया। बीजेपी विधायकों ने विरोधस्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन के बाहर फडणवीस ने पत्रकारो से कहा कि नियमों के खिलाफ विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। विधानसभा में नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। उन्होंने सदन में यह भी कहा कि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संविधान के अनुरूप के विधानसभा के जो नियम बनाए गए हैं उन्हें ताक पर रखकर यह अधिवेशन बुलाया गया है।
पुराना अधिवेशन
जो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुआ था, वह
जनगणमन के साथ समाप्त हो गया, लेकिन उस अधिवेशन को आज भी
जारी रखा गया। शपथ ग्रहण समारोह में संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं। शपथ ग्रहण
करने वालों ने शरद पवार, सोनिया गांधी, बाल ठाकरे के नाम लेकर भी प्रतिज्ञा ली, जो कि संविधान के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोटेम
स्पीकर को हटाना संविधान का उल्लंघन है। प्रोटेम स्पीकर को हटाया गया। संविधान को
ताक पर रखकर यह कार्रवाई की गई। आज तक कभी भी बहुमत परीक्षण विधानसभा स्पीकर के
चुनाव से पहले नहीं हुआ। हम राज्यपाल से अनुरोध करने वाले हैं कि यह सारी कार्यवाही
निरस्त हो।
इससे पहले सदन के भीतर भी हंगामे के बीच फडणवीस ने कहा कि उन्होंने
कहा कि विधानसभा सत्र नियमों के खिलाफ बुलाया गया। विधानसभा सत्र की शुरुआत वंदे मातरम से क्यों नहीं की गई? आधी रात को विधानसभा सत्र की जानकारी दी गई। विधानसभा में
विपक्ष सदस्यों ने दादागिरी नहीं चलेगी के नारे लगाए। फ्लोर टेस्ट नियमों के खिलाफ हो रहा है। उद्धव
के मंत्रियों ने नियमों के खिलाफ शपथ ली है। फडणवीस ने आगे कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में पहले अध्यक्ष
का चुनाव होता रहा है, उसके बाद ही फ्लोर टेस्ट होता
रहा है, लेकिन इस बार उल्टा हो रहा है। सारे नियमों को ताक पर रखा गया
है। उन्होंने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। बिना अध्यक्ष के आज
तक बहुमत परीक्षण नहीं हुआ।


