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अजित पवार के लिए एक तरफ मलाई [सत्ता] दूसरी तरफ ठुकाई [कानूनी लड़ाई]....किस करवट बैठेगा राजनीतिक ऊंट...?
Posted by : achhiduniya
25 November 2019
महराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर केंद्र में आए
एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार सियासी मझधार में फंसते नजर आ रहे हैं। अजित
पवार की हालत यह है कि उन्हें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और शरद पवार के बीच चुनाव करना पड़ रहा है ल,किन उनके एक ओर कुंआ है तो दूसरी तरफ खाई है। इस बीच अजित पवार को
मनाने के लिए कोशिशें तेज हो गई हैं। एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने आज अजित
पवार से मुलाकात की लेकिन अजित पवार अपने फैसले से टस से मस होने को तैयार नहीं
है। सियासी पंडितों के मुताबिक अजित पवार के सामने कुम्भकरण की तरह एक बड़ी समस्या खड़ी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 25 हजार करोड़ रुपये के महाराष्ट्र स्टेट
कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में दिसंबर के दूसरे पखवाडे में गवाहों को पूछताछ के लिए
समन भेजना शुरू कर देगा। शिकायत के
मुताबिक अजित पवार इस घोटाला प्रभावित बैंक के 75 पूर्व निदेशकों में शामिल हैं।
ईडी ने शरद पवार, उनके भतीजे अजित पवार और अन्य
के खिलाफ इस 25 हजार करोड़ के घोटाले में मुकदमा दर्ज किया है। अजित पवार को ईडी का डर सता रहा है। सूत्रों के
मुताबिक ईडी की जांच शुरू होने के बाद अजित पवार ने यह महसूस किया था कि जब शरद
पवार के खिलाफ जांच शुरू हुई तो पूरी पार्टी उनके पीछे खड़ी हो गई,लेकिन इसी तरह की स्थिति का उन्हें सामना करना पड़ है तो
पार्टी ने उन्हें अकेले कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए छोड़ दिया है।
विधानसभा चुनाव
से ठीक पहले 21 अक्टूबर को यह मामला दर्ज किया गया था। उस समय शरद पवार ने कहा था
कि उनका इस घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। शरद पवार ने संकेत दिया था कि राजनीतिक साजिश के तहत उनके साथ ऐसा किया जा रहा
है। अजित पवार के वकील प्रशांत पाटिल कहते हैं। अब तक ईडी ने एफआईआर की कोई कॉपी मेरे मुवक्किलों
को नहीं सौंपी है, इसलिए मैं कोई भी कॉमेंट नहीं कर सकता हूं। उन्होंने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव
बैंक मामले में सरकारी खजाने को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
अजित पवार ने शनिवार को
भले ही फडणवीस के साथ सुबह-सुबह शपथ ग्रहण कर लिया हो,लेकिन अब उन्हें संख्या बल जुटाने के लिए एड़ी चोटी का जोर
लगाना पड़ रहा है। शनिवार को माना जा रहा था कि अजित पवार के साथ एनसीपी के करीब
35 विधायक हैं,लेकिन सोमवार को चाचा शरद पवार के गुट ने दावा किया
कि पार्टी के कुल 54 में से 52 विधायक उनके साथ आ गए हैं। शरद पवार गुट ने सोमवार
को राज्यपाल के पास 162 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी सौंप दी। इस मामले में
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुनवाई जारी है और मंगलवार को इस पर फैसला आ सकता है।



