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पवार के पावर से CM बन सकते है शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे रही यह शर्त...कांग्रेस से मिलेगा बाहरी समर्थन
Posted by : achhiduniya
10 November 2019
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद मुख्यमंत्री का पद संभालते हैं तो यह पहला मौका होगा जब ठाकरे परिवार का काई
सदस्य सरकार में शामिल होंगे। हालांकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उद्धव ने
आदित्य ठाकरे को उतारकर संकेत दे दिया था कि वह अब परिवार की इस परंपरा को तोड़ना
चाहते हैं। शिवसेना संस्थापक बालासाहेब
ठाकरे का कहना था कि वह और उनके परिवार से कोई भी सरकार में शामिल नहीं होगा। उनके
रहते हमेशा से शिवसेना के दूसरे नेता ही केंद्र या राज्य की सरकार में हिस्सेदार
रहे। राज्यपाल कोश्यारी ने शिवसेना से पूछा- क्या आप सरकार बनाने में सक्षम हैं? उधर, बीजेपी ने राज्यपाल भगत सिंह
कोश्यारी को सूचित कर दिया है कि वह अकेले सरकार बनाने में असमर्थ हैं।
राज्यपाल
ने सबसे बड़े दल होने के चलते बीजेपी को सरकार बनाने का पहले न्योता भेजा था।
बीजेपी के इनकार के बाद राज्यपाल कोश्यारी ने शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे से पूछा है
कि क्या वे महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए सक्षम हैं। अगर शिवसेना सरकार बनाना
चाहती है तो वह राजभवन को सूचित करें। सूत्रों का कहना है कि शिवसेना सोमवार (12
नवंबर) को सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। माना जा रहा है कि इस सरकार में
एनसीपी भी साझेदार बनेगी। वहीं कांग्रेस बाहर से समर्थन कर सकती है। सूत्रों का
कहना है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन सकते
हैं। एनसीपी और कांग्रेस के साथ हुई डील में तय हुआ है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार
के भतीजे अजित पवार को उप मुख्यमंत्री का पद मिल सकता है और जयंत पाटिल को गृहमंत्री
का पद दिया जा सकता है।
इस सरकार को समर्थन करने के एवज में कांग्रेस को विधानसभा
अध्यक्ष का पद दिया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे
और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बीच हुई बातचीत में मंत्रिमंडल का प्रारूप फाइनल हो
चुका है।
प्रदेश मे बीजेपी 105 और शिवसेना 56 एक साथ आकर सरकार बनाने का आंकड़ा रखते हैं।
हालांकि फिलहाल शिवसेना और बीजेपी (BJP) के बीच टकराव की वजह
दोनों मिलकर सरकार नहीं बना रहे हैं। शिवसेना
के 56,
एनसीपी के 56 और बाहर से कांग्रेस के 44 विधायकोँ
के समर्थन के बल पर नई सरकार गठन का रास्ता बन सकता है।


