- Back to Home »
- Judiciaries »
- अयोध्या फैसले की पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल करेगा.... AIMPLB
Posted by : achhiduniya
06 December 2019
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले में रामलला विराजमान के पक्ष में फैसला सुनाया गया था। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के अंदर ही एक ट्रस्ट बनाने के भी आदेश दिए थे। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने याचिकाओं का समर्थन करते हुए,मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से मिसबाहुद्दीन, मौलाना हसबुल्लाह, हाजी महबूब और रिजवान अहमद पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल करेंगे। वरिष्ठ वकील राजीव धवन कोर्ट में इन याचिकाओं की पैरवी करेंगे।
मुस्लिम पक्षकारों को 5 एकड़ जमीन दिए
जाने के खिलाफ हिंदू महासभा भी पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। इसके साथ ही हिंदू
पक्षकारों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर विचार करने को कहेगी। इससे पहले
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या केस में सुनाए गए फैसले के खिलाफ सोमवार को
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने रिव्यू पिटिशन दाखिल कर दी है। जमीयत-उलेमा-हिंद से जुड़े
असद रशीदी की तरफ से 217 पन्नों की याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है
कि कोर्ट ने माना कि वहां नमाज होती थी फिर भी मुसलमानों को बाहर कर दिया। इसके
साथ ही कहा गया है कि 1949 में अवैध तरीके से इमारत में मूर्ति रखी गई।
फिर भी
रामलला को पूरी जगह दी गई। बाबरी मस्जिद पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने रिव्यू पिटिशन को गलत ठहराया है। इकबाल अंसारी का कहना है कि
हमने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मान लिया है। हम अपने स्टैंड पर कायम हैं। क्योंकि
रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का कोई फायदा नहीं है। अयोध्या विवाद राजनीति से प्रेरित
है। इकबाल अंसारी ने कहा कि अब इस मामले
को खत्म कर देना चाहिए। लोगों ने खुले दिल से इसे अपना लिया है।


