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जासूसी की दुनिया जेम्स बॉन्ड, बंदूकें और लड़कियां सिर्फ फिल्मों में, इंटेलिजेंस की दुनिया ग्लैमरस नहीं होती...आर्मी चीफ मनोज नरवाणे
Posted by : achhiduniya
22 December 2019
आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2019 को खत्म हो रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज नरवाणे थलसेना के अगले प्रमुख होंगे। फिलहाल जनरल नरवणे सेना में सह-सेना प्रमुख हैं। 37 साल सेना में गुजारने वाले जनरल नरवणे के पास आतंकवाद विरोधी अभियान का खासा अनुभव है। सेना के 27वें चीफ बनने वाले जनरल नरवणे करीब ढाई साल तक आर्मी चीफ के पद पर बने रहेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज नरवाणे ने शनिवार को पुणे में आयोजित एक बुक लॉन्च इवेंट के दौरान कहा कि इंटेलिजेंस की दुनिया ग्लैमरस नहीं होती है जैसा कि फिल्मों में दिखाया जाता है।
जेम्स बॉन्ड, बंदूकें
और लड़कियां,
इसमें ऐसा नहीं होता है। यह जॉन ले कार के जॉर्ज
स्माइली नॉवेल की तरह होती है। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज नरवाणे ने कहा, मिलिट्री ऑपरेशंस और इंटेलिजेंस एक साथ चलते हैं। हमारी ऑपरेशन
ब्रीफिंग हमेशा खबर दुश्मन के बारे में से शुरू
होती है और इसमें खबर वो होती है जो हमें हमारी खुफिया एजेंसियों से मिलती है। मैं
ये दावे के साथ कह सकता हूं कि हमारा कोई भी सैन्य अभियान खुफिया एजेंसियों और RAW के बगैर सफल नहीं हो सकता है। सैन्य अभियान और खुफिया सूचनाओं का
आपस में करीबी संबंध होता है।
भारतीय सेनाएं इंटेलिजेंस के इस योगदान के लिए हमेशा
उनकी आभारी रहेंगी। लेफ्टिनेंट जनरल ने आगे कहा,जब कोई
इंटेलिजेंस के बारे में सोचता है तो सामान्यतः उनके दिमाग में मशहूर फिल्म के किरदार
जेम्स बॉन्ड का ख्याल आता है,लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।
उन्हें लगता है कि इंटेलिजेंस में बंदूक, लड़कियां, गिटार और ग्लैमर होता होगा लेकिन इंटेलिजेंस की दुनिया ऐसी बिल्कुल
भी नहीं है। ये बेहद अलग है।


