Posted by : achhiduniya 19 December 2019


देश में हो रहे CAA NRC को लेकर हिंसक प्रदर्शनो को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय ने लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी है। गृह मंत्रालय ने  सलाह दी है कि खुद को गुमराह न होने दें और गलत सूचना का शिकार न बनें। मंत्रालय ने कुछ सवालों का जवाब देते हुए पूरे मामले पर लोगों को नागरिकता कानून से संबंधित मुद्दों पर जानकारियां भी दी हैं। मंत्रालय ने कहा है कि अपना स्वार्थ साधने वालों के बहकावे में न आकर खुद पढ़ें, समझें और फिर इस मामले में विवेक से अपनी राय बनाएं। सवाल:-1. क्या CAA में ही NRC निहित है? जवाब:- ऐसा नहीं है. CAA अलग कानून है और NRC एक अलग प्रक्रिया है. CAA संसद से पारित होने के बाद देशभर में लागू हो चुका है, जबकि देश के लिए NRC के नियम व प्रक्रिया तय होने अभी बाकी हैं।
असम में जो NRC की प्रक्रिया चल रही है, वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और असम समझौते के तहत की गई है। सवाल:- 2. क्या भारतीय मुसलमानों को CAA और NRC को लेकर किसी प्रकार परेशान होने की जरूरत है? जवाब:- किसी भी धर्म को मानने वाले भारतीय नागरिक को CAA या NRC से परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। सवाल:-3. क्या NRC सिर्फ मुस्लिमों के लिए ही होगा? जवाब:- बिल्कुल नहीं,इसका किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के सभी नागरिकों के लिए होगा। यह नागरिकों का केवल एक रजिस्टर है, जिसमें देश के हर नागरिक को अपना नाम दर्ज कराना होगा। 
सवाल:- 4.क्या NRC में धार्मिक आधार पर लोगों को बाहर रखा जाएगा? जवाब:- नहीं, NRC किसी धर्म के बारे में बिल्कुल भी नहीं है। जब NRC लागू किया जाएगा, वह न तो धर्म के आधार पर लागू किया जाएगा और न ही उसे धर्म के आधार पर लागू किया जा सकता है। किसी को भी सिर्फ इस आधार पर बाहर नहीं किया जा सकता कि वह किसी विशेष धर्म को मानने वाला है। सवाल:- 5. क्या NRC के जरिये मुस्लिमों से भारतीय होने का सबूत मांगा जाएगा? जवाब:-सबसे पहले आपके लिए ये जानना जरूरी है कि राष्ट्रीय स्तर पर NRC जैसी कोई औपचारिक पहल शुरू नहीं हुई है। सरकार ने न तो कोई आधिकारिक घोषणा की है और न ही इसके लिए कोई नियम-कानून बने हैं। भविष्य में अगर ये लागू किया जाता है तो यह नहीं समझना चाहिए कि किसी से उसकी भारतीयता का प्रमाण मांगा जाएगा। NRC को आप एक प्रकार से आधार कार्ड या किसी दूसरे पहचान पत्र जैसी प्रक्रिया से समझ सकते हैं। 
नागरिकता के रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आपको अपना कोई भी पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज देना होगा, जैसा कि आप आधार कार्ड या मतदाता सूची के लिए देते हैं। सवाल:-6.नागरिकता कैसे दी जाती है? क्या यह प्रक्रिया सरकार के हाथ में होगी? जवाब:- नागरिकता नियम 2009 के तहत किसी भी व्यक्ति की नागरिकता तय की जाएगी। ये नियम नागरिकता कानून, 1955 के आधार पर बना है। यह नियम सार्वजनिक रूप से सबके सामने है। किसी भी व्यक्ति के लिए भारत का नागरिक बनने के पांच तरीके हैं। 1.जन्म के आधार पर नागरिकता। 2.वंश के आधार पर नागरिकता। 3.पंजीकरण के आधार पर नागरिकता4.देशीयकरण के आधार पर नागरिकता5.भूमि विस्तार के आधार पर नागरिकता। सवाल:-7. जब कभी NRC लागू होगा, तो क्या हमें अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए अपने माता-पिता के जन्म का विवरण उपलब्ध कराना पड़ेगा? 
जवाब:- आपको अपने जन्म का विवरण जैसे जन्म की तारीख, माह, वर्ष और स्थान के बारे में जानकारी देना ही पर्याप्त होगा। अगर आपके पास अपने जन्म का विवरण उपलब्ध नहीं है तो आपको अपने माता-पिता के बारे में यही विवरण उपलब्ध कराना होगा,लेकिन कोई भी दस्तावेज माता-पिता के द्वारा ही प्रस्तुत करने की अनिवार्यता बिल्कुल नहीं होगी। जन्म की तारीख और जन्मस्थान से संबंधित कोई भी दस्तावेज जमाकर नागरिकता साबित की जा सकती है। हालांकि अभी तक ऐसे स्वीकार्य दस्तावेजों को लेकर भी निर्णय होना बाकी है।  इसके लिए वोटर कार्ड, पासपोर्ट, आधार, लाइसेंस, बीमा के पेपर, जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र, जमीन या घर के कागजात या फिर सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी इसी प्रकार के अन्य दस्तावेजों को शामिल करने की संभावना है। इन दस्तावेजों की सूची ज्यादा लंबी होने की संभावना है ताकि किसी भी भारतीय नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशानी न उठाना पड़े। 
सवाल:-8. अगर NRC लागू होता है तो क्या मुझे 1971 से पहले की वंशावली को साबित करना होगा? जवाब:- ऐसा नहीं है. 1971 के पहले की वंशावली के लिए आपको किसी प्रकार के पहचान पत्र या माता-पिता /पूर्वजों के जन्म प्रमाण पत्र जैसे किसी भी दस्तावेज को प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है। यह केवल असम NRC के लिए मान्य था, वो भी असम समझौता और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आधार पर। देश के बाकी हिस्सों के लिए The Citizenship (Registration of Citizens and Issue of National Identity Cards) Rules, 2003 के तहत NRC की प्रक्रिया पूरी तरह से अलग है। सवाल:- 9.अगर पहचान साबित करना इतना ही आसान है तो फिर असम में 19 लाख लोग कैसे NRC से बाहर हो गए? जवाब:-असम की समस्या को पूरे देश से जोड़ना ठीक नहीं है। वहां घुसपैठ की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। इसके विरोध में वहां 6 वर्षों तक आंदोलन चला है। इस घुसपैठ की वजह से राजीव गांधी सरकार को 1985 में एक समझौता करना पड़ा था। इसके तहत घुसपैठियों की पहचान करने के लिए 25 मार्च, 1971 को कट ऑफ डेट माना गया, जो एनआरसी का आधार बना।
सवाल:-10.क्या NRC के लिए मुश्किल और पुराने दस्तावेज मांगे जाएंगे, जिन्हें जुटा पाना बहुत मुश्किल होगा? जवाब:- पहचान प्रमाणित करने के लिए बहुत सामान्य दस्तावेज की जरूरत होगी। राष्ट्रीय स्तर पर NRC की घोषणा होती है तो उसके लिए सरकार ऐसे नियम और निर्देश तय करेगी जिससे किसी को कोई परेशानी न हो। सरकार की यह मंशा नहीं हो सकती कि वह अपने नागरिकों को परेशान करे या किसी दिक्कत में डाले! सवाल:-11. अगर कोई व्यक्ति पढ़ा-लिखा नहीं है और उसके पास संबंधित दस्तावेज नहीं हैं तो क्या होगा? जवाब:- इस मामले में अधिकारी उस व्यक्ति को गवाह लाने की इजाजत देंगे। साथ ही अन्य सबूतों और Community Verification आदि की भी अनुमति देंगे। एक उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। किसी भी भारतीय नागरिक को अनुचित परेशानी में नहीं डाला जाएगा। 
सवाल:-12. भारत में एक बड़ी तादाद में ऐसे लोग हैं, जिनके पास घर नहीं हैं, गरीब हैं और पढ़े-लिखे नहीं हैं, और उनके पास पहचान का कोई आधार भी नहीं है, ऐसे लोगों का क्या होगा? जवाब:-यह सोचना पूरी तरह से सही नहीं है। ऐसे लोग किसी न किसी आधार पर ही वोट डालते हैं और उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। उसी के आधार पर उनकी पहचान स्थापित हो जाएगी। सवाल:-13. क्या NRC किसी ट्रांसजेंडर, नास्तिक, आदिवासी, दलित, महिला और भूमिहीन लोगों को बाहर करता है, जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं। जवाब:- नहीं, NRC जब कभी भी लागू किया जाएगा, ऊपर बताए गए किसी भी समूह को प्रभावित नहीं करेगा। अपना स्वार्थ साधने वालों के बहकावे में न आकर खुद पढ़ें, समझें और फिर इस मामले में विवेक से अपनी राय बनाएं।

Leave a Reply

Subscribe to Posts | Subscribe to Comments

Translate

Business Advertise T.B

Commercial Adv T.B.

Today's IMP News Headline’s {सुर्खियां }

@ ईरान-इजरायल युद्ध ने किसान-व्यापारियों को दे दी टेंशन, मुंबई के JNPT पोर्ट पर कंटेनरों की कतार।@ नीतीश के बेटे निशांत की पॉलिटिक्स में ग्रैंड एंट्री।@ ईरान में खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी पर सोनिया गांधी ने उठाए सवाल, कहां- संसद में हो चर्चा।@ PM मोदी के नाम एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड, 30 मिलियन सब्सक्राइबर्स के साथ बने डिजिटल दुनिया के बेताज बादशाह।@ खामेनेई की मौत पर जम्मू -कश्मीकर में पत्थ रबाजी, पुलिस की चेतावनी- कड़ी कार्रवाई होगी।@ बिना घूस भर्ती, उम्र सीमा में 5 साल की राहत, 7वां वेतन आयोग लागू,बंगाल में अमित शाह का बड़ा वादा।@ सेक्स क्राइम की जानकारी नहीं थी-एपस्टीन केस में बिल क्लिंटन से पूछताछ का वीडियो जारी, हिलेरी का फूटा गुस्सा।@ युवाओं को नशों के खतरे से बचाने के लिए पंजाब सरकार की लड़ाई लगातार जारी रहेगी- CM भगवंत मान।@ DTC बसों में पिंक कार्ड अनिवार्य करने पर सियासी घमासान, सौरभ भारद्वाज ने लगाए बीजेपी पर आरोप।@ ईरान के स्कूल में मारी गईं 165 बच्चियों के लिए JCB से खोदी गईं कब्रें।@ ईरान पर इजरायल-अमेरिका का हमला, पाकिस्तानियों पर टूटा कहर। @ भिंड में बुजुर्ग महिला से पुलिस ने की मारपीट! DIG ने चौकी प्रभारी को किया लाइन अटैच।@ नायब सिंह सरकार का बजट हरियाणा के लोगों के सपनों को तोड़ने वाला बजट- अनुराग ढांडा।@ खाड़ी देशों में फंसे युवाओं और विद्यार्थियों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है पंजाब सरकार-सीएम भगवंत मान।

Social Adv C.B.

अन्य खबरों के लिए हमारे सहयोगी मीडिया संस्थान पर विजिट करें। https://aniltvnews.blogspot.com

Advertise Section C.B.

Important....Video

"भव्य रक्तदन शिबीर स्व श्री शिवरतन काबरा जी के जन्मविशेष पुण्यस्मरण पर स्टोन मर्चेंट एसोसिएशन द्वारा"

होनहार काबिल युवाओ के लिए {JOB Corner} नौकरी विभाग

जल्द ही नए रोजगार की संधि उपलब्ध होगी।

Business Adv M.B.

Common Advertise M.B.

Govt's green signal to CSR fund spending for 'Har Ghar Tiranga' campaign“दुनिया मे भारत की पहचान-आन-बान-शान-जान.....“तिरंगा” “गर्व करे भारतीय होने पर”

जीवन सवारें सुविचार

@ हम बहुत व्याकुल,गुस्सैल और आत्मकेंद्रित हो रहे हैं। दूसरों के प्रति सहयोग और जीवन के प्रति आस्था को मजबूत कीजिए। प्रेम,अनुराग और सहृदयता जीवन मूल्य हैं। इनको केवल शब्द समझने से बचना होगा। @जिस किसी चीज से जीवन में प्रेम छूटता जाता है, समय और स्नेह छूटता जाता है। वह बासी होती जाती है। हमारी जिंदगी में बासी होते रिश्ते इसकी गवाही दे रहे हैं। जिंदगी को प्रेम की धूप,थोड़ा इत्मिनान दीजिए।@ ऐसी आंखें जिनके सपने की सीमा सीमित होती है,वह अपने जीवन को विस्तार नहीं दे पातीं। अपने साथ थोड़ा दूसरों के लिए सोचना जिंदगी को सुकून,आनंद और सुख देता है।

Common Advertise B.B.

Common Advertise B.B

Flash Back Important News

Request Massage

मित्रो प्रणाम.....यदि आपके पास कोई लेख,प्रेरक कहानियॉ, सकारात्मक विचार,अद्भुत जानकारी या किसी व्यक्ति विशेष की खास उपलब्धि कि जानकारी है,जो आप हमसे और हमारे मित्रो के साथ सांझा करना चाहते हैं,तो क्रप्या उसे अपनी फोटो के साथ हिन्दी में हमे E-mail करें।हमारी Id:- achhiduniya@gmail.com जरूरत के मुताबिक उसमे कुछ परिवर्तन करने या सम्पूर्ण करने की जरूरत पड़ने पर त्रुटी मुक्त करके हम आपके नाम और फोटो के साथ हमारे अच्छी दुनिया न्यूज पोर्टल पर प्रकाशित करेंगे।

- Copyright © AchhiDuniya Online Electronic Media News Portal & E-Paper -KevoxTech- Powered by KevoxTech - Designed by AchhiDuniya -