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शिक्षण संस्थानों को लेफ्ट विंग-वामपंथी बर्बाद कर रहे, 208 शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख लगाई गुहार...
Posted by : achhiduniya
12 January 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की अलग-अलग
यूनिवर्सिटी के कुलपतियों समेत 208 शिक्षाविदों ने चिट्ठी लिख कर कहा कि हाल ही
में जेएनयू से जामिया, एएमयू से जादवपुर तक का
घटनाक्रम हमें चेतावनी दे रहा है कि लेफ्ट विंग के एक्टिविस्ट शिक्षण का माहौल
खराब कर रहे हैं। लेफ्ट की राजनीति के चलते सार्वजनिक तौर पर बातचीत और
स्वतंत्रतापूर्वक बयान देना मुश्किल हो गया है। इस चिट्ठी में उन्होंने वामपंथी
संगठनों पर कैंपस में हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है। इस चिट्ठी का शीर्षक शिक्षण
संस्थानों में लेफ्ट विंग की अराजकता के खिलाफ बयान' है।
इस
चिट्ठी में लिखा गया है कि लेफ्ट विंग एक्टिविस्ट्स की गतिविधियों की वजह से कैंपस
में पढ़ाई-लिखाई में रुकावट आती है इससे यूनिवर्सिटी का माहौल खराब हो रहा है। 208
शिक्षाविदों ने आरोप लगाया है कि लेफ्ट
विंग कम उम्र के छात्रों को वैचारिक रूप से प्रभावित कर रहे हैं जिससे नए छात्र
पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। इस तरह के छात्र शिक्षा हासिल करने और
बेहतर भविष्य बनाने का मौका खो रहे हैं। ऐसे छात्र अपना नजरिया रखने की आजादी और
वैकल्पिक राजनीति का मौका भी खो रहे हैं। ये छात्र लेफ्ट राजनीतिज्ञों की बात
स्वीकार करने के लिए मजबूर हैं।
शिक्षकों और कुलपतियों ने अपील करते हुए कहा कि ऐसे मौके पर लोकतांत्रिक ताकतों को राजनीति छोड़ साथ आने और
खड़े होने की जरुरत है। जिससे शैक्षणिक, वैचारिक
स्वतंत्रता और बोलने की आजादी के लिए मिलकर लड़ा जा सके। धरना, आंदोलन किसी खास लोगों को निशाना बनाना इन लेफ़्ट एक्टिविस्ट का
आम तरीका बन गया है। लेफ्ट की विचारधारा को न अपनाने पर सार्वजनिक तौर पर दोषारोपण
और प्रताड़ना अब अपने चरम पर पहुंच गई है। चिठ्ठी में आरोप लगाया गया है कि इस तरह
की राजनीति का सबसे बुरा असर बच्चों, छात्रों
पर पड़ रहा है जो गरीब परिवेश से हैं और अधिकारहीन समुदायों से ताल्लुक रखते हैं।


