- Back to Home »
- Knowledge / Science »
- कोरोना वायरस लक्षण सावधानी ही बचाव है..जाने कैसे.....?
Posted by : achhiduniya
28 January 2020
भारत में नेशनल सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल के मुताबिक़, यह वायरस मर्स और सार्स वायरस की तरह जानवरों से ही आया है। दस से बीस दिनों के भीतर ही यह वायरस 40 से 550 लोगों को संक्रमित कर चुका है। जो वायरस अब तक चीन तक ही सीमित था वो अब 5-6 देशों तक भी पहुंच चुका है। यह वायरस अमेरिका तक पहुंच चुका है। क्या हैं इस वायरस के संक्रमण के लक्षण? सिरदर्द,नाक बहना,खांसी,गले में ख़राश,बुखार, अस्वस्थता का अहसास होना छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना,थकान महसूस करना,निमोनिया, फेफड़ों में सूजन,जैसा कि हर बीमारी के लिए कहा जाता है कि इलाज से बेहतर है सावधानी।
ऐसे में हर किसी को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है। अगर आपका कोई
परिचित चीन जाना चाह रहा है तो उसे सलाह दी जाती है कि अगर बहुत ज़रूरी ना हो तो
वे चीन न जाएं। और अगर कोई वहां से लौटकर आ रहा है तो वह अपनी जांच सबसे पहले
करवाएं। कोरोनावायरस के कारण अमूमन संक्रमित लोगों में सर्दी-जुक़ाम के लक्षण नज़र
आते हैं,लेकिन असर गंभीर हों तो मौत भी हो सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ़
एडिनबरा के प्रोफ़ेसर मार्क वूलहाउस का कहना है, जब हमने
ये नया कोरोनावायरस देखा तो हमने जानने की कोशिश की कि इसका असर इतना ख़तरनाक
क्यों है।
यह आम सर्दी जैसे लक्षण दिखाने वाला नहीं है, जो कि चिंता की बात है। ये वायरस एक जीवों की एक प्रजाति से
दूसरे प्रजाति में जाते हैं और फिर इंसानों को संक्रमित कर लेते हैं। इस दौरान
इनका बिल्कुल पता नहीं चल पाता। नॉटिंगम यूनिवर्सिटी के एक वायरोलॉजिस्ट प्रोफ़ेसर
जोनाथन बॉल के मुताबिक़, यह बिल्कुल ही नई तरह का
कोरोना वायरस है। बहुत हद तक संभव है कि पशुओं से ही इंसानों तक पहुंचा हो। सार्स
का वायरस बिल्ली जाति के एक जीव से इंसानों तक पहुंचा था। हालांकि चीन की ओर से
अभी तक इस मूल स्रोत के बारे में कुछ भी पुष्ट तौर पर नहीं कहा गया है।
हमारे देश
के लोग भी चीन की यात्रा करते हैं। क़रीब 1200 मेडिकल स्टूडेंट चीन में पढ़ाई कर
रहे हैं, जिसमें से ज़्यादातर वुहान प्रांत में ही हैं। ऐसे में अगर वो
वहां से लौटते हैं तो इस वायरस के भारत में आ जाने की आशंका बहुत बढ़ जाती है।



