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महाराष्ट्र के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना को पढ़ाना अनिवार्य....महाराष्ट्र सरकार
Posted by : achhiduniya
27 January 2020
महाराष्ट्र सरकार ने हाल में एक आदेश पारित किया
था, जिसके तहत सूबे के सभी स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना की
जानकारी सभी छात्रों को दी जाने की बात कही गई थी। सरकार के इन्हीं आदेशों का
पालन करते हुए महाराष्ट्र के सभी स्कूलों ने संविधान की प्रस्तावना को पढ़ाना
शुरू कर दिया है। बीते दिनो महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में देश के
संविधान की प्रस्तावना के पठन का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुसार, महाराष्ट्र के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में संविधान
की प्रस्तावना को पढ़ाना अनिवार्य होगा। आदेश में यह भी बताया गया था कि
प्रार्थना सभा के दौरान स्कूल में संविधान की प्रस्तावना का पठन होगा।
संविधान
की प्रस्तवाना के पठन के दौरान पहली कक्षा से दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं की
उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। वही महाराष्ट्र में एक ऐसा स्कूल भी है, जहां पढ़ने वाले प्राइमरी के छात्रों को भी देश के संविधान की
प्रस्तावना मुंह जुबानी याद है। मुंबई बीएमसी के प्रभादेवी प्राइमरी मराठी स्कूल
में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की स्कूल के प्रिंसिपल सिंधु पाटील के अनुसार,हमारे स्कूल में हमने 5-6 साल
पहले से ही संविधान की प्रस्तावना पढ़ाने की शुरुआत कर दी थी. महाराष्ट्र सरकार ने
2013 में संविधान पठन को लेकर सर्कुलर भेजा था।
जिसके बाद से हम
अपने बच्चों को हर रोज की होने वाली प्रार्थना के साथ ही संविधान की प्रस्तावना का
पठन भी करवाते है। अब बच्चों को संविधान की प्रस्थावना कंठस्थ हो चुकी है। उन्होंने
बताया कि स्कूल में दाखिल होने के महज 2-3 महीने
के भीतर बच्चे संविधान की प्रस्तावना याद कर लेते हैं। महाराष्ट्र सरकार में
शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने बताया है कि हम बच्चों को स्कूल जीवन से ही यह
सिखाना चाहते हैं कि हमारे देश के संविधान का मूल क्या है और इसलिए हमने स्कूल में
संविधान पठन की शुरुआत की है।


