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- निर्भया के दोषियो को बचाने के लिए वकील ने चली यह चाल..
Posted by : achhiduniya
24 January 2020
निर्भया के दोषियों को पहले 22 जनवरी को फांसी होनी थी, लेकिन फिर नई तारीख तय करते हुए 1 फरवरी का दिन फाइनल किया गया है। चारों दोषियों को फांसी एक फरवरी को सुबह छह बजे होनी है। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाने वाले जज का भी तबादला हो गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा को एक साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर अतिरिक्त रजिस्ट्रार के रूप में सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है।
ट्रांसफर से पहले वह निर्भया दुष्कर्म और हत्या का मामला सुन रहे थे। वह
निर्भया के माता-पिता की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, ताकि चारों दोषियों को फांसी की सजा देने का निर्देश दिया जा
सके। अब वकील एपी सिंह ने कहा है कि वह विनय और अक्षय की तरफ से क्यूरेटिव और
मर्सी पिटिशन (दया याचिका) दायर करना चाहते हैं, लेकिन
तिहाड़ जेल ने उन्हें कागजात नहीं दिए हैं, जिससे
देरी हो रही है। निर्भया का कुल 6 लोगों ने गैंगरेप किया था। इसमें एक राम सिंह की
जेल में मौत हो गई थी। अन्य नाबालिग को छोड़ दिया गया था। वहीं अक्षय, पवन, मुकेश और विनय को फांसी होनी
है।
इसमें से विनय की क्यूरेटिव पिटिशन सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है। वहीं
मुकेश और क्यूरेटिव और मर्सी पिटिशन दोनों खारिज हो चुकी हैं। निर्भया गैंगरेप के
दोषी खुद को फांसी से बचाने की हरसंभव कोशिश में लगे हैं। दोषियों के वकील ने
दोबारा दिल्ली कोर्ट का रुख किया है। वकील एपी सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट में
याचिका दायर करते हुए कहा है कि तिहाड़ जेल ने अबतक उन्हें कुछ कागजात नहीं दिए
हैं, जिसकी वजह से क्यूरेटिव और मर्सी पिटिशन दाखिल करने में देरी हो
रही है।


