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- देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जिसे जानना आपके लिए जरूरी....?
Posted by : achhiduniya
26 January 2020
अक्सर देश की बढ़ती महंगाई को लेकर बहुत सारी चर्चाए की जाती है। अर्थव्यवस्था से लेकर राजनीति तक में मंहगाई दर का जिक्र होता रहता है। बजट में भी मंहगाई दर का खूब इस्तेमाल होता है। दरअसल जब रुपये की वैल्यू घट जाती है तो इसे मंहगाई कहते हैं। मसलन पहले आप 100 रुपये में दो किलो प्याज खरीदते थे,लेकिन अगर आज आप इसी सौ रुपये में मात्र एक किलो ही प्याज खरीद पा रहे हैं तो इसे ही मंहगाई कहा जाता है। मंहगाई दर हमेशा ही प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है। देश की अर्थव्यवस्था को समझने के लिए जीडीपी सबसे अहम शब्द है।
सकल घरेलू उत्पाद [GDP:- Gross Domestic Product] किसी देश के एक वित्तीय वर्ष में पैदा करने वाले गुड्स और
सर्विस का आकलन करती है। इसी को जीडीपी कहा जाता है। खर्च के लिहाज से कंज्यूमर
द्वारा, बिजनस द्वारा और सरकार द्वारा जितनी रकम खर्च की गई है उसे
जोड़ने पर जीडीपी निकलता है। देश के जीडीपी में सर्विस क्षेत्र का बड़ा योगदान है।
प्रत्यक्ष कर वो Tax है जो व्यक्तियों और संगठनों की आमदनी पर लगाया
जाता है। ये कमाई किसी भी स्रोत से हो सकती है। ब्याज, सैलरी, निवेश में प्रत्यक्ष कर लगाया
जाता है। अप्रत्यक्ष कर [Indirect Tax] जब आप
कोई सामान खरीदते हैं तो उसके उपर भी कर लगाया जाता है।
मसलन आप एक मोबाइल फोन
खरीदते हैं तो इसमें जीएसटी, कस्टम ड्यूटी और एक्साइज
ड्यूटी लगाई जाती है। इन करों को ही अप्रत्यक्ष कर कहा जाता है। बांड [Bond] जब सरकार पैसे जुटाने के लिए बाजार से पैसे लेती है तो उसके
एवज में गारंटी दी जाती है। इसी गारंटी को बांड कहा जाता है। ये एक तरह का कर्ज
होता है जिसे सरकार एक तय समय में वापस कर देती है। बांड को कर्ज का सर्टिफिकेट भी
कहा जाता है। विनिवेश, जब सरकार अपने किसी संस्था या
कंपनी को बेच कर पैसा कमाती है तो उसे विनिवेश कहा
जाता है। इन दिनों आप एयर
इंडिया और भारत पेट्रोलियम जैसी कई कंपनियों के विनिवेश की खबरें सुन रहे होंगे। इस प्रोसेस को ही विनिवेश कहा जाता है। फिस्क्ल
डेफिसिट,जब सरकार के मौजूदा कमाई से ज्यादा खर्च होने लगे तो इसे फिस्कल
डेफिसिट कहते हैं। फिस्कल डेफिसिट को
हमेशा प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।



