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झूठ बोलते है पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह,समय और जगह का चुनाव कर,करे हमसे CAA-NRC पर बहस....कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल
Posted by : achhiduniya
21 January 2020
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने लखनऊ की एक सभा में
कहा कि वह राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और मायावती को CAA पर बहस की चुनौती
देते हैं। इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने गृह
मंत्री अमित शाह के एक बयान पर कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह को
संशोधित नागरिकता कानून पर बहस की चुनौती देते हैं। सिब्बल ने प्रधानमंत्री और गृह
मंत्री पर CAA,NRC- NPR के संदर्भ में नौ झूठ बोलने का
आरोप लगाया और सवाल किया कि देश की जनता इन पर कैसे विश्वास करेगी। उन्होंने कहा,गृह मंत्री ने कहा कि राहुल जी और अखिलेश जी उनके साथ बहस
करें।
मैं चुनौती देता हूं कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री मेरे साथ बहस करें। समय
और जगह का चुनाव वो कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, प्रधानमंत्री
और गृह मंत्री के CAA को लेकर नौ झूठ सामने रख रहा
हूं। पहला झूठ यह कि यह कानून भेदभावपूर्ण नहीं है। लगता है कि इन्होंने नागरिकता कानून
नहीं पढ़ा है। पहली बार हमारे देश मे नागरिकता धर्म के आधार पर दी जा रही है।
सिब्बल ने कहा,दूसरा झूठ है कि CAA का NRC से कोई ताल्लुक नहीं है। अमित
शाह ने कहा कि पहले यह कानून आएगा और फिर NRC लाया जाएगा। उन्होंने
दावा किया,तीसरा झूठ यह है कि पीएम मोदी ने
कहा कि NRC पर कोई चर्चा नहीं हुई,जबकि राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया है कि NRC लागू की जाएगी।
चौथा झूठ यह कि NRC प्रक्रिया अधिसूचित नहीं है,जबकि
यह प्रावधान पहले ही 2003 के कानून में है। इसके साथ ही उन्होंने कहा,पांचवां झूठ यह कि NRC की प्रक्रिया आरंभ
नहीं हुई है। जबकि सरकार ने पिछले साल कहा कि NPR के तहत NRC के लिए डेटा एकत्र किए जाएंगे। छठा झूठ यह है कि NPR का NRC से कोई संबंध नहीं है,जबकि गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि NPR –NRC का पहला कदम है। NPR के बिना NRC नहीं हो सकता। सातवां झूठ यह कि किसी भी भारतीय को डरने की
जरूरत नहीं है। असम की NRC से पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन
अली अहमद के परिवार का नाम गायब है। कारगिल में भाग लेने वाले सैनिक सनाउल्लाह का
नाम भी एनआरसी में नहीं आएगा।
उन्होंने कहा कि गरीब अपनी नागरिकता कैसे साबित
करेंगे, क्योंकि उनके पास कागजात नहीं है।
सिब्बल ने कहा,आठवां झूठ यह कि प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई
डिटेंशन सेंटर नहीं है,जबकि हकीकत यह है कि छह डिटेंशन सेंटर
पहले से मौजूद हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर लोग कैसे विश्वास करेंगे?
उन्होंने कहा,नौवां झूठ यह कि प्रदर्शनकारियों
पर कोई बल प्रयोग नहीं हुआ,जबकि उत्तर प्रदेश में 28 लोग
मारे गए। यह कैसे हुआ?



