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‘Can do’ हम भी कुछ कम नहीं हैं, हम भी कुछ करके रहेंगे....मन की बात के माध्यम से देश की जनता से रूबरू हुए पीएम मोदी...
Posted by : achhiduniya
26 January 2020
मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार आज 26 जनवरी है। गणतंत्र
पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनायें 2020 का ये प्रथम ‘मन की बात’का मिलन है। इस वर्ष का भी यह पहला कार्यक्रम है, इस दशक का भी यह पहला कार्यक्रम है। साथियो, इस बार गणतंत्र दिवस समारोह
की वजह से आपसे ‘मन की बात’,उसके
समय में परिवर्तन करना, उचित लगा और इसीलिए, एक अलग समय तय करके आज आपसे ‘मन की बात’ कर रहा हूँ। साथियो, दिन बदलते हैं, हफ्ते बदल जाते हैं, महीने
भी बदलते हैं,
साल बदल जाते हैं, लेकिन, भारत के लोगों का उत्साह और हम भी कुछ कम नहीं हैं, हम भी कुछ करके रहेंगे। ‘Can do’, ये ‘Can do’ का भाव, संकल्प बनता हुआ उभर रहा है। देश और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की भावना, हर दिन, पहले से अधिक मजबूत होती जाती
है।
साथियो, ‘मन की
बात’ के मंच पर हम सब, एक बार फिर इकट्ठा हुए हैं। नये-नये विषयों पर चर्चा करने के
लिए और देशवासियों की नयी-नयी उपलब्धियों को celebrate करने के लिए, भारत को celebrate करने के लिए। ‘मन की बात’ sharing, learning और growing together का एक
अच्छा और सहज platform बन गया है। हर महीने हज़ारों की संख्या में लोग, अपने सुझाव, अपने प्रयास, अपने अनुभव share करते हैं। उनमें से, समाज को
प्रेरणा मिले,
ऐसी कुछ बातों, लोगों
के असाधारण प्रयासों पर हमें चर्चा करने का अवसर मिलता है। किसी ने करके दिखाया है’तो क्या हम भी कर सकते हैं? क्या
उस प्रयोग को पूरे देश-भर में दोहराकर एक बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं? क्या उसको, समाज के एक सहज आदत के रूप में
विकसित कर,
उस परिवर्तन को, स्थायी
कर सकते हैं ? ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब खोजते-खोजते, हर महीने ‘मन की बात’ में, कुछ appeal, कुछ आह्वाहन, कुछ कर दिखाने के संकल्पों का
सिलसिला चल पड़ता है।
पिछले कई सालो में हमने कई छोटे-छोटे संकल्प लिये होंगे, जैसे –‘No to single use plastic’,‘खादी’ और ‘local खरीदने’की बात हो, स्वच्छता की बात हो, बेटियों
का सम्मान और गर्व की चर्चा हो,less cashEconomy का ये
नया पहलू-उसको बल देना हो,ऐसे ढ़ेर सारे संकल्पों का जन्म
हमारी इन हल्की-फुल्की मन की बातों से हुआ है और उसे बल भी आप ही लोगों ने दिया है। मेरे प्यारे देशवासियो, exam का season आ चुका
है, तो जाहिर है सभी विद्यार्थी अपनी-अपनी तैयारियों का आखिरी shape देने में जुटे होंगे। देश के करोड़ो विद्यार्थी साथियों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ के
अनुभव के बाद मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि देश का युवा आत्म-विश्वास से भरा
हुआ है और हर चुनौती के लिए तैयार है। मेरे प्यारे देशवासियों, आज गणतंत्र-दिवस के पावन अवसर पर मुझे ‘गगनयान’ के बारे में बताते हुए अपार
हर्ष हो रहा है। देश, उस दिशा में एक और कदम आगे बढ़
चला है।
2022 में हमारी आज़ादी के 75 साल पूरे
होने वाले हैं और उस मौक़े पर हमें ‘गगनयान मिशन’ के साथ एक भारतवासी को
अन्तरिक्ष में ले जाने के अपने संकल्प को सिद्ध करना है। ‘गगनयान मिशन’ 21वीं सदी में science &
technology के क्षेत्र में भारत की एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगा।
नए भारत
के लिए, ये एक ‘मील का पत्थर’ साबित होगा। मेरे प्यारे देशवासियों, फिर एक बार गणतंत्र-पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएँ। यह पूरा
दशक, आपके जीवन में, भारत के जीवन में, नए संकल्पों वाला बने, नई
सिद्धि वाला बने और विश्व, भारत से जो अपेक्षा करता है, उस
अपेक्षाओं को पूर्ण करने का सामर्थ्य, भारत
प्राप्त करके रहे। इसी एक विश्वास के साथ आइये- नए दशक की शुरुआत करते हैं। नए संकल्पों
के साथ, माँ भारती के लिए जुट जाते हैं। बहुत-बहुत
धन्यवाद। नमस्कार।



