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- जाने कैसे पूरी करे अधूरी सेक्स नॉलेज को.....?
Posted by : achhiduniya
26 January 2020
आज की भागदौड़भरी जिंदगी में धन-पद-यश पाने की उलझन
में फंसे युवा एक खास मुकाम तक पहुंचने के चक्कर में सहवास के बारे में अंत में
सोचते हैं। वे इस तनाव से ऐसे ग्रस्त हो गए हैं कि उन का वैवाहिक जीवन इस से
प्रभावित हुआ है। प्रेमिका को खुश रखने की युवा हर संभव कोशिश करते हैं, लेकिन जब सेक्स संबंधी समस्या हो तो उसे भी दूर करना होगा। कुछ
युवा स्वस्थ होते हुए भी सेक्स के प्रति आत्मविश्वासी नहीं होते। आज युवाओं का
सेक्स में सफल न हो पाना दवाओं का दुष्प्रभाव है। बीटा रिसेप्टार्स, प्रोपेनोलोल, मिथाइल डोपा, सिमेटिडिन आदि दवाएं सेक्स इच्छा में कमी लाती हैं। खुद को बीमारी
से दूर रखने का प्रयास करें। यौनांग में कसावट होने (फिमोसिस) के फलस्वरूप दर्द, जलन होना, तनाव व स्खलन के कारण सहवास
में कमी आ जाती है।
अत: शल्यक्रिया द्वारा इसे दूर किया जा सकता है। सहवास के
दौरान वे धैर्य खो बैठते हैं। ऐसे युवाओं में कोई कुंठा छिपी होती है, जो उन्हें पूर्ण सेक्स करने से रोकती है। खुद पर विश्वास रखें, अन्यथा किसी अच्छे सैक्सोलौजिस्ट एवं मनोचिकित्सक को दिखाएं। युवा
प्रेमियों को लगता है कि सेक्स का अधूरा ज्ञान उन्हें मंझधार में ले जा सकता है। सेक्स
संबंधों के दौरान सेक्स क्षमता का बहुत महत्त्व है। सहवास करने की क्षमता ही
व्यक्ति को पूर्ण पुरुष के रूप में स्थापित करती है। कई ऐसे कारण हैं जिन पर हम
खुल कर चर्चा नहीं करते न ही उन्हें दूर करने का उपाय खोजते हैं। नतीजतन, सेक्स लाइफ का मजा काफूर हो जाता है। ऐसी कई समस्याएं हैं
जिन्हें दूर कर हम वैवाहिक जिंदगी जी सकते हैं।
सहवास की पूर्ण जानकारी न होना, सेक्स के बारे में झिझक, संबंध
बनाने से पहले ही घबराना, यौन दुर्बलता से सेक्स इच्छा
की कमी, मानसिकरूप से खुद को सेक्स के प्रति तैयार न कर पाना, शीघ्रपतन, स्वप्नदोष, मोबाइल सेक्स आदि समस्याओं से युवावर्ग पीडित है। सेक्स में
मंझधार में न रहें, समस्याओं को समझें व इन्हें दूर करें और सेक्स का
भरपूर आनंद उठाएं। डर यौनसुख को सब से ज्यादा प्रभावित करता है।
इस की वजह से
शीघ्र स्खलित होना, कोई देख लेगा, कमरे के
बाहर आवाज सुनाई देने का डर, पार्टनर द्वारा उपहास, गर्भ ठहरने का खतरा आदि युवाओं की यौनक्षमता पर प्रश्नचिह्न लगा
देते हैं। युवावस्था में यौन इच्छा चरम पर होती है इसलिए सेक्स संबंध जल्दीजल्दी
बना लेते हैं,
लेकिन धीरे-धीरे समय में ठहराव कम हो जाता है, क्योंकि विवाह से पहले प्रेमिका से संबंध बनाना उसे अपराधबोध
लगता है और वह शीघ्र स्खलित हो जाता है।
इन सभी बातों को नजरअंदाज करते हुए सेक्स
संबंध बनाएं। युवाओं में सेक्स में और्गेज्म की अनुभूति इजाक्युलेशन से पूरी होती
है। सहवास शुरू करने के 30 सैकंड से 1 मिनट पहले स्खलित होने पर उसे प्रीमैच्योर
इजाक्युलेशन कहते हैं। गुप्तांग की कठोरता खत्म हो जाती है और इस वजह से पार्टनर
की इच्छा पूरी नहीं हो पाती है। यह वास्तव में समस्या नहीं बल्कि चिंता, संतुष्ट न कर पाने का डर, मानसिक
अशांति, मानसिक तनाव, डायबिटीज या यूरोलौजिकल
डिसऔर्डर के कारण होता है। इस के लिए ऐंटीडिप्रैंसेट दवाओं का सेवन डाक्टर की सलाह
ले कर करें। कई बार स्खलन का समय सामान्य होता है, लेकिन
सीमेन काफी कम मात्रा में निकलने से सेक्स के दौरान पूर्णआनंद नहीं आता। युवा यदि
इस समस्या से पीडि़त हों तो चरमोत्कर्ष तक नहीं पहुंच पाते।
ऐसे में सैक्सोलौजिस्ट
से मिलें। मानसिक रूप से खुद को तैयार कर के सहवास करें, समस्या अवश्य दूर होगी। जब युवा अपने पार्टनर को संतुष्ट किए
बिना ही स्खलित हो जाते हैं तो इसे इजाक्यूलेशन कहा जाता है। सैक्सुअल संबंधों के दौरान ऐसा होने से वैवाहिक
जीवन में कड़वाहट आती है। इंटरनैट के परिवेश में आज का युवा मोबाइल पर
सैक्सी फिल्में देखता है और खुद को भी सेक्स में लिप्त कर लेता है। यही कारण है कि
वह वास्तविक जीवन में सेक्स का भरपूर आनंद नहीं उठा पाता। सहवास के दौरान तनाव न
आना और यदि तनाव आता भी है तो कम समय के लिए आता है।
युवावस्था में ऐसा होने के कई
कारण हैं, जैसे मातापिता का व्यवहार व मानसिक तनाव सेक्स क्रिया में
असफलता की मुख्य वजह है। संतुलित व पर्याप्त पौष्टिक भोजन के अभाव में शरीर
परिपुष्ट नहीं हो पाता। ऐसे में सीमेन का पतलापन और इजाक्युलेशन जैसी समस्या का
सामना करना पड़ता है। पर्याप्त नींद और भोजन से शरीर में सेक्स हारमोन का स्तर
काफी बढ़ जाता है, जो सफल सहवास के लिए जरूरी है। तनाव के दौरान कभी
भी सेक्स संबंध न बनाएं। तनाव सेक्स
प्रक्रिया को पूरी तरह प्रभावित करता है और इंसान को कई बीमारियों से ग्रसित कर
देता है।
शारीरिक संबंध बनाने से पहले पूर्ण शारीरिक स्पर्श, मुखस्पर्श, नख, दंत क्रीड़ा करने के बाद ही सहवास शुरू करें। सेक्स प्रक्रिया
का पहला चरण फोरप्ले है। बिना फोरप्ले युवकों को उतनी समस्या नहीं आती लेकिन
ज्यादा नोचने खसोटने से युवती को पीड़ा हो सकती है। उस का सहवास से मन हट सकता है।
इसलिए शारीरिक संबंध बनाते समय पार्टनर की भावनाओं की भी कद्र करें और अगर उसे इस
दौरान दर्द हो रहा है तो अपने ऐक्शंस पर थोड़ा कंट्रोल करें। स्वयं पर विश्वास
करें।







