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- करारी हार के बाद कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर उठ रहे सवाल...? संभवत: अपनी राजनैतिक दुकान बंद कर देनी चाहिए.... शर्मिष्ठा मुखर्जी
करारी हार के बाद कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर उठ रहे सवाल...? संभवत: अपनी राजनैतिक दुकान बंद कर देनी चाहिए.... शर्मिष्ठा मुखर्जी
Posted by : achhiduniya
13 February 2020
दिल्ली में एक बार फिर से कांग्रेस शून्य पर सिमट
गई। इस हार की जिम्मेदारी लेते हुए पहले दिल्ली कांग्रेस चीफ सुभाष चोपड़ा, उसके बाद प्रभारी पीसी चाको ने इस्तीफा दे दिया। पीसी चाको इस
हार के लिए पूर्व सीएम और दिवंगत हो चुकीं शीला दीक्षित को जिम्मेदार बता गए थे।
पीसी चाको ने इस्तीफा देते हुए कहा, कांग्रेस
पार्टी का डाउनफॉल 2013 में शुरू हो गया था, जब शीला
दीक्षित जी मुख्यमंत्री थीं। नई पार्टी AAP ने पूरे
कांग्रेस वोट बैंक को छीन लिया तब से हम इसे कभी वापस नहीं पा सके। यह अभी भी आम
आदमी पार्टी के साथ बना हुआ है। दिल्ली में लगातार दूसरी बार खाता खोलने में
नाकामयाब रही कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह अब सामने आ रही है। पार्टी की दिल्ली
इकाई के बाद अब केंद्रीय नेतृत्व भी निशाने पर आ गया है।
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| [MP-CM कमलनाथ - ज्योतिरादित्य सिंधिया ] |
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने
कहा है कि हमारी पार्टी के लिए यह बेहद निराशाजनक है। कांग्रेस को नई सोच और नई
रणनीति पर काम करने की आवश्यकता है। देश बदल गया है, इसलिए
हमें देश के लोगों के साथ नए तरीके से सोचने और जुड़ने का विकल्प चुनना होगा। वहीं, हरियाणा के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह
हुड्डा ने भी पीसी चाको को आड़े हाथ लिया है।
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| [आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में आईं अलका लांबा] |
आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में आईं
अलका लांबा भी चुनाव नतीजों के बाद से ही नई टीम बनाकर मेहनत करने की बात कर रही
हैं। अलका लांबा चांदनी चौक सीट से लड़ीं और बुरी तरह हारीं। उन्हें पांच हजार से
भी कम वोट मिले। दिल्ली के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर कभी
नहीं दिखी। पार्टी में कई धड़े अलग-अलग चले, जिसका
खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। इसके अलावा पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी दिल्ली
चुनाव में खास रुचि नहीं दिखाई।
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| [शर्मिष्ठा मुखर्जी - पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ] |



