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- मां के दूध में होते है बच्चे के शारीरिक और मानसिकता विकास के तत्व..
Posted by : achhiduniya
23 February 2020
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया ने 50 माताओं और उनके बच्चों पर शोध किया। शोधकर्ताओं ने मां के दूध
में मौजूद तत्वों और एक से छह महीने के बच्चों को दूध पिलाने का विश्लेषण किया। जब
इन बच्चों की उम्र 24 महीने हो गई तो बेले-3 स्केल की मदद से बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को मापा गया। यह
एक ऐसा परीक्षण है जिससे बच्चे के दिमागी विकास के बारे में पता लगाया जाता है।
बच्चों के दिमागी विकास पर अध्ययन करने वाले शोधकर्ता लार्स बोड ने कहा,मां के दूध के कई नमूनों में हमने ओलिगोसैकाराइड 2 एफएल की मात्रा की पहचान की।
यह तकनीक हमें दूध में मौजूद
तत्वों में अंतर करने की क्षमता देती है। इससे बच्चे के संज्ञानात्मक विकास के
बारे में कई जानकारियां मिलती हैं। शारीरिक और मानसिक दोनों विकास के लिए जरूरी
पत्रिका प्लोस वन में प्रकाशित शोध में दर्शाया गया है कि मां के दूध में पहले के
एक महीने में मौजूद ओलिगोसैकाराइड 2 एफएल की
मात्रा का संबंध दो साल के उम्र के बच्चों के संज्ञानात्मक विकास से था। इससे पता
चलता है कि जन्म के बाद शुरुआती महीने में मां के दूध का सेवन करने से बच्चों का
संज्ञानात्मक विकास अच्छा होता है। शुरुआती दो साल में बेहतर संज्ञानात्मक विकास
होने से बच्चों के जीवन पर लंबा प्रभाव पड़ता है। वे स्कूल और विभिन्न कार्यों में
बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
स्तनपान से बच्चो को ही नहीं बल्कि माताओं को भी बहुत
सारी बीमारियों से लड़ने की क्षमता मिलती है। स्तनतान से बच्चे और मां दोनों में
कैंसर का खतरा कम होता है। स्तनपान से बच्चे की आंखों की रोशनी तेज होती है। लंदन
में 2007 के अध्ययन बाल स्वास्थ्य संस्थान के शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन शिशुओं को रेगुलर बेसिस पर स्तनपान कराया जाता है, उनकी आंखों की रोशनी तेज होती है।


