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देश की वित्तीय व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मार्च में सरकार कर सकती है वस्तु एवं सेवा कर {GST} में बदलाव....
Posted by : achhiduniya
14 February 2020
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार सभी
सेक्टर के विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। वित्त मंत्रालय ऐसी ही बैठकें मुंबई
चेन्नई और कोलकाता में पिछले हफ्ते आयोजित कर चुका है। सूत्रों के मुताबिक, GST के अंतर्गत मौजूदा 9 दरों की बजाय सरकार सिर्फ 3 दर ही रखना
चाहती है। ऐसे में संभव है कि कुल तीन स्लैब 8%, 18% और
28% पर सहमति बनाने की कवायद होगी। इस पूरी
कवायद में यह भी ध्यान में रखा जाएगा कि इस बदलाव से खाने-पीने वाली वस्तुओं की
महंगाई न बढ़े। सरकार फ़ूड इन्फ्लेशन को लेकर विशेष रणनीति अपना सकती है। सरकार
चाहती है कि ज्यादातर वस्तुओं के रेट रेवेन्यू न्यूट्रल से थोड़ा ज्यादा रखा जाए।
प्राप्त
जानकारी के मुताबिक खाने-पीने और रोजमर्रा की वस्तुओं को लेकर नया स्लैब बनाने पर
विचार किया जा रहा है। संभव है कि ज्यादातर वस्तुओं को 18 फीसदी के टैक्स स्लैब
में डाला जा सकता है। वहीं निचले
स्लैब को मिलाकर सिर्फ 8 फीसदी का एक ही स्लैब बनाने पर विचार किया जा रहा है। लग्जरी
और डी-मेरिट गुड्स के लिए अधिकतम 28 फीसदी को बरकरार रखा जा सकता है। बजट को लेकर
आर्थिक विशेषज्ञों के साथ एक बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात के
संकेत दिए हैं। वित्त मंत्री के मुताबिक अगर जरूरी हुआ तो सरकार बजट प्रस्तावों से
आगे जाकर और कदम उठा सकती है। बैठक में वित्त मंत्री के साथ एसेट मैनेजमेंट, वैल्थ एडवायज़री, टैक्स
कंसल्टेंसी से जुड़े विशेषज्ञ शामिल थे। विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए वित्त
मंत्री ने कहा कि अगर बजट 2020 से आगे जाकर कोई कदम उठाने की जरूरत होगी तो सरकार
इसके लिए भी तैयार है।
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट का इक्विटी, बॉन्ड और करंसी मार्केट पर सकारात्मक असर रहा है। वहीं चर्चा के
दौरान विशेषज्ञों ने खपत बढ़ाने से लेकर, सिस्टम
में लिक्विडिटी बढाने के लिए कई सलाह दी हैं। वहीं कैपिटल मार्केट की मजबूती के
साथ साथ केंद्र द्वारा शुरू की गई विवाद से विश्वास योजना को लेकर भी बातचीत हुई। अपने संबोधन में
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही विवाद से
विश्वास स्कीम की पूरी जानकारियां सामने रखेगी। इसके साथ ही उन्होने कहा कि
सरकार विशेषज्ञों के द्वारा दी गई सभी सलाहों पर विचार करेगी।


