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- कडु किन्तु सत्य इंजीनियर-एमबीए की डिग्री धारक कार पार्किंग अटेंडेंट के तौर पर काम करने को मजबूर....
Posted by : achhiduniya
03 March 2020
पिछले साल तमिलनाडू विधानसभा में सफाई
कर्मचारियों के 14 पदों के लिए 4,600 इंजीनियर, एमबीए
और रिसर्च स्कॉलरों ने आवेदन किया था। बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे 1500 से ज्यादा
उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों ने इसके लिए आवेदन किया था। कंपनी ने केवल 50
लोगों को यह नौकरी दी है। एसएस टेक एंड तूर्क मीडिया सर्विसेज के असिस्टेंड
प्रोजेक्ट मैनेजर बी रिजवानी कटू का कहना है कि 1000 उम्मीदवारों में से उन्होंने
50 को सलेक्ट किया और उन्हें ट्रेनिंग दी। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट 21 वर्षीय एस
आदित्य चेन्नई में कार पार्किंग अटेंडेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। 18 हजार रुपये
हर महीने सैलरी पाने वाले आदित्य चेन्नई कॉर्पोरेशन के स्मार्ट कार पार्किंग के लिए
बनाए गए ऐप के प्रमोशन के लिए काम कर रहे हैं।
इस काम के लिए केवल 10वीं पास
उम्मीदवारों की जरूरत है,लेकिन इसके लिए आउटसोर्स करने
वाली एक कंपनी के जरिए से करीब 50 इंजीनियर और एमबीए डिग्री धारकों ने यह नौकरी कर
रहे हैं। आदित्य का कहना है कि वह कम योग्य व्यक्ति के रोजगार के अवसर नहीं छीन
रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर एक दसवीं पास लड़का या
लड़की यह नौकरी करते हैं तो वह तकनीक को समझने में 4 से 5 घंटे लेंगे। हमें केवल
दो से तीन मिनट लगते हैं। एमबीए की डिग्री धारक और 21 साल का अनुभव रखने वाले
राजेश ने भी बतौर टीम लीडर ज्वाइन किया है। उन्होंने अपनी पिछली कंपनी से मिलने
वाली 55 फीसदी कम सैलरी में यह नौकरी ज्वाइन की है। वह घर में अकेले कमाने वाले
हैं और उनका एक छह साल का बच्चा भी है। राजेश का कहना है, एमबीए या बीई करने के बाद नौकरियां नहीं हैं अगर हमें 10 हजार
से भी कम की नौकरी मिलती है तो लोग काम करने के लिए तैयार हैं। {साभार}

