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नियुक्ति घोटालेबाज को शिक्षा मंत्री पद,12वीं पास को उपमुख्यमंत्री पद वित्त और वाणिज्य मंत्रालय..वाह बिहार सीएम नीतीश कुमार सरकार
Posted by : achhiduniya
18 November 2020
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए खेमे के नेता महागठबंधन के सीएम प्रत्याशी तेजस्वी यादव की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते रहे। हर जनसभाओं में एनडीए के नेता तेजस्वी के नॉन मैट्रिक होने की बात जोर शोर से उठाते रहे। अब 12वीं पास तारकिशोर प्रसाद को वित्त, वाणिज्य जैसे अहम मंत्रालय दिए जाने पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव पर सवाल उठाने वालों को क्या हो गया है जो पहली बार मंत्री बने कम पढ़े लिखे नेता को इतना अहम मंत्रालय दे दिया है। नीतीश कैबिनेट में
शिक्षा मंत्री बनाए गए मेवालाल चौधरी का भी विवादों से नाता रहा है। मेवालाल चौधरी 2015 में पहली बार जेडीयू विधायक बने थे जबकि, इससे पहले तक वह शिक्षक के तौर पर सेवा दे रहे थे। उनके कुलपति रहते सबौर कृषि विश्वविद्यालय में साल 2012 में सहायक प्राध्यापक और जूनियर वैज्ञानिकों की बहाली हुई थी बताया जाता है कि उस नियुक्ति में धांधली की गई थी। सबौर कृषि विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापकों व अन्य पदों की नियुक्ति में तत्कालीन कुलपति मेवालाल पर आरोप लगा था कि उन्होंने बिहार के 18 और दूसरे राज्यों के 87 को नौकरी दी थी। यानी 105 में से 18 ही बिहार मूल निवासी थे। कृषि विश्वविद्यालय में नियुक्ति घोटाले का मामला सबौर थाने में 2017 में दर्ज किया गया था। हालांकि इस मामले में उन्होंने कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी और अभी तक कोर्ट में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं किया गया है। नीतीश सरकार की कैबिनेट के सदस्य जीवेश कुमार को पर्यटन, श्रम और खनन मंत्री का पद दिया गया है। जीवेश मिश्रा का भी विवादों से नाता रहा है। भाकपा-माले ने बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा पर कोरोना काल में आरोप लगाया था कि सरकार दोहरी नीति अपना रही है। जीवेश मिश्रा पर आरोप है कि कोरोना काल के दौरान जब सभी एहतियात बरत रहे थे तब वे दिल्ली से सीधे दरभंगा आ गए और क्षेत्र में भी घूम रहे थे, लेकिन उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उस वक्त उनपर आरोप लगे थे कि जब गरीब जनता दिल्ली पंजाब समेत देश के अन्य हिस्सों से लौटता है तो उसे 14 दिन आइसालेशन में रखा जाता है, लेकिन जीवेश मिश्रा सारे नियमों की अवहेलना कर क्षेत्र में घूमते रहे। डेप्युटी सीएम तारकिशोर को 6 विभागों की जिम्मेदारी दे दी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि तारकिशोर प्रसाद पहली बार मंत्री बने हैं और उन्हें वित्त, वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं जलवायु, सूचना प्रावैधिकी, आपदा प्रबंधन, नगर विकास एवं आवास विभाग जैसे अहम मंत्रालय दिए गए हैं। तारकिशोर प्रसाद को इतने अहम मंत्रालय दिए जाने को लेकर इसलिए भी चर्चा हो रही है क्योंकि उन्होंने महज 12वीं तक की पढ़ाई की है।


