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- संविधान में दिए गए कानूनी भाषा के वो शब्द जिन्हे जानना आपके लिए जरूरी...?
Posted by : achhiduniya
30 November 2020
अक्सर हमने फिल्मों में सुना है जब अदालत में जज
कहता है कि आज की सुनवाई मुल्तवी की जाती है। इस शब्द को अंग्रेजी में adjourned कहते हैं जिसका हिंदी में अर्थ रुका हुआ या स्थगित कहा जाता है।
इस तरह केस की सुनवाई को अगली सुनवाई तक मुल्तवी यानी पोस्टपोन या टाल दिया जाता
है। धारा जो अंग्रेजी में ‘सेक्शन’ कहलाती है। धारा अधिनियम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी
अधिनियम में खासतौर पर धारा ही प्रयोग में लाई जाती है, लेकिन कुछ अधिनियम में आदेश और नियम भी पाए जाते हैं। संविधान
को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है, ये
हिस्से अनुच्छेद में बंटे हैं,लेकिन अलग-अलग हिस्से के लिए
अलग-अलग अनुच्छेद नहीं होते हैं। जैसे अनुच्छेद 1 से अनुच्छेद 400 पर संविधान ख़त्म
होता है,लेकिन इसके अलग-अलग भाग में कानून को परिभाषित किया गया है। दीवानी
अदालत को सिविल न्यायालय कहा जाता है। इस न्यायालय में संपत्ति या अर्थ संबंधी
व्यवहारों या मुकदमों का विचार या निर्णय होता है। दीवानी मामला वो है जिसमें
संपत्ति सम्बन्धी या पद सम्बन्धी अधिकार विवादित हो, चाहे
ऐसा विवादित अधिकार धार्मिक कृत्यों या कर्मों सम्बन्धी प्रश्नों पर अवलम्बित
क्यों न हो। ऐसा वाद दीवानी वाद या मुकदमा कहलाता है। फौजदारी- जिस न्यायालय में
मारपीट-हत्या आदि संबंधी मुकदमों की सुनवाई होती है। भारतीय दंड संहिता में कई
कानूनों के द्वारा कुछ कृत्यों और कुछ अकृत्यों को दंडनीय अपराध घोषित किया गया है।
इन अपराधिक कृत्यों और अकृत्यों के लिए दंड निश्चित किया गया है। ये सभी मामले जिनमें किसी व्यक्ति को कोई अपराध करने
के लिए दंड की कार्रवाई हो तो वे मामले अपराधिक या फौजदारी मामले कहे जाते हैं। इंतखाब:-
पटवारी के खाते के अनुसार प्रस्तुत की हुई वह नकल या प्रतिलिपि जिसमें यह लिखा
रहता है कि किस सन् में किस खेत का मालिक कौन था और उसने कितना जोता-बोया था। ये कागजात इंतखाब कहलाते हैं। क्या है मुवक्किल...? जब कोई अपना मुकदमा आदि लड़ने के लिए किसी को अपना वकील
नियुक्त करता है, उसे मुवक्किल कहा जाता है। मुस्लिम धर्मशास्त्र
के अनुसार किसी काम के लिए नियुक्त फरिश्ता मुवक्किल कहलाता है। कुछ शब्द-अर्थ जो
पुलिस के काम में इस्तेमाल किए जाते है:- थाना-हाजा- थाने पर उपस्थिति। जुर्म दफा- अपराध धारा। जामा तलाशी- व्यक्ति की तलाशी। खाना तलाशी- स्थान की तलाशी। जराइम- अपराध। हस्बजैल- उपरोक्तानुसार। जुदा खाना- अलग से। मसरूका- मुकदमे का गया माल। वाजयाफ्ता- मुकदमे में बरामद
माल। फर्द-
स्पेशल दस्तावेज। हस्ब
कायदा- नियमानुसार। मुर्तिब
- तैयार करना। फिकरा –
पैराग्राफ। मौतबिरान
– गवाह। अदम
सबूत- साक्ष्य के अभाव में। इस प्रकार के शब्दो
का उपयोग कर कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया जाता है।




