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- जिंदा रहे तो कभी भी पर्व मना लेंगे.... छठ पूजा पर दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी
Posted by : achhiduniya
18 November 2020
पिछले सप्ताह दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक आदेश में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि नदी के तटों, मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा नहीं की जाए। डीडीएमए ने जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस उपायुक्तों को लोगों को अपने घरों पर छठ पूजा मनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा है। याचिकाकर्ता ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उस
आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें नदी के तटों, मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा नहीं की जाने को लेकर आदेश दिया गया था। दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस हेमा कोहली और सुब्रमणियम प्रसाद की डबल बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि छठ पूजा की अनुमति देना कोरोना संक्रमण के सुपर स्प्रेडर के रूप में काम करेगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि इस साल सार्वजनिक जगहों पर छठ पर्व नहीं मनाया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि कोविड-19 के चलते तालाब और नदी के किनारे छठ पूजा का आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने ये भी टिप्पणी की है कि जिंदा रहेंगे तो कभी भी पर्व मना लेंगे लेकिन फिलहाल हम अभी इसकी इजाजत नहीं दे सकते। दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका खारिज

