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- ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका की Covishield वैक्सीन की पर टिकी निगाहें, 90% तक है असरकारक....
Posted by : achhiduniya
23 November 2020
ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन फेज 3
ट्रायल में 70 फीसदी से ज्यादा असरदार रही। सोमवार को जारी अंतरिम एनालिसिस के
मुताबिक, दो तरह की डोज के आंकड़े एक साथ रखने पर वैक्सीन की प्रभावोत्पादकता
70.4% रही। रिसर्चर्स के मुताबिक, अलग-अलग करने पर वैक्सीन 90%
तक असरदार मिली। ऑक्सफर्ड वैक्सीन ग्रुप के डायरेक्टर और इस
ट्रायल के चीफ इनवेस्टिगेटर प्रोफेसर एंड्रयू पोलार्ड के मुताबिक, यह नतीजे दिखाते हैं कि एक असरदार वैक्सीन कई जिंदगियां बचा
सकती है। उन्होंने बताया कि डोज के चार पैटर्न्स में से एक में वैक्सीन 90% तक
असरदार रही और अगर हम वही पैटर्न अपनाएं तो कई लोगों को वैक्सीन दी जा सकती है।
ट्रायल में पता चला कि अगर वैक्सीन की पहली डोज आधी दी जाए और दूसरी डोज पूरी तो
यह 90% तक असर करती है। ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका की Covishield वैक्सीन की ग्लोबल रेस के फ्रंटरनर्स में शामिल है। फाइजर और
मॉडर्ना के टीके 90% से ज्यादा असरदार रहे हैं लेकिन उनकी कीमतें इतनी हैं कि वह
मध्य और निम्न आय वाले देशों के लिए मुफीद नहीं। रईस देशों से इतर दुनिया के लिए
ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ही उम्मीदें जगा रही है। लंदन की एक रिसर्च
फर्म के अनुसार, मध्य और निम्न आय वाले देशों में 40% खपत इसी
टीके की होगी। यह वैक्सीन फाइजर के मुकाबले बेहद सस्ती है और कई देशों में इसका
प्रॉडक्शन होगा। इसके लिए अल्ट्रा-कोल्ड टेम्प्रेचर की भी जरूरत नहीं है। ऑक्सफर्ड
और एस्ट्राजेनेका मिलकर अब वैक्सीन का यह अंतरिम एनालिसिस यूके में ड्रग
रेगुलेटर के सामने रखेंगे। अगर वैक्सीन को इमर्जेंसी अप्रूवल मिलता है तो दिसंबर
से यह वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है। यूके में इमर्जेंसी अप्रूवल पर भारतीय कंपनी
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की भी नजर होगी। उसने एस्ट्राजेनेका से वैक्सीन की
100 करोड़ डोज की डील की है। अगर यूके में इमर्जेंसी अप्रूवल मिलता है तो कंपनी
भारत में भी वैक्सीन के उसी डेटा के आधार पर इमर्जेंसी अप्रूवल के लिए अप्लाई कर
सकती है। अगर ऐसा होता है तो भारत में 'कोविशील्ड' नाम से यह टीका जनवरी तक उपलब्ध हो सकता है।



