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- बिल्ली का मंदिर,मानते है देवी मनगम्मा का अवतार, विधि-विधान से होती है 1000 साल से पुजा अर्चना...
Posted by : achhiduniya
02 December 2020
बिल्ली को मुस्लिम धर्म में पाक जानवरो में गिना
जाता है,वहीं हिन्दू धर्म में बिल्ली को कई
बार शुभ- अशुभ से जोड़ कर देखा जाता है। जहां एक तरफ बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ
तो दीपावली के दिन दिखना शुभ माना जाता है। वहीं हिन्दू धर्म की कुछ मान्यताओ के
अनुरूप कर्नाटक में एक
ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां बिल्ली की पूजा की जाती
है। इस मंदिर में पिछले 1000 साल से बिल्ली की पूजा की जा
रही है। यह अनोखा मंदिर कर्नाटक के मांड्या जिले से 30 किलोमीटर दूर बेक्कालेले गांव में स्थित है। इस गांव का नाम कन्नड़ के बेक्कू शब्द पर
पड़ा है, जिसका अर्थ बिल्ली होता है। इस गांव के लोग बिल्ली को देवी का
अवतार मानते हैं और उसकी विधि-विधान के साथ पूजा करते हैं। इस गांव के लोग बिल्ली
को देवी मनगम्मा का अवतार मानते हैं। मान्यताओं के मुताबिक, देवी मनगम्मा ने बिल्ली का रूप धारण करके गांव में प्रवेश किया
था और बुरी शक्ति से गांव वालों की रक्षा की थी। उस जगह पर बाद में एक बांबी बन गई
थी। तभी से
यहां के लोग बिल्ली की पूजा करते हैं। यह बात आपके लिए थोड़ी अजीब जरूर हो सकती है
पर है बिल्कुल सच। कर्नाटक के इस गांव के लोग बिल्ली की हमेशा रक्षा करने में
विश्वास रखते हैं। इस गांव में अगर कोई बिल्ली को नुकसान पहुंचाता है तो उसे गांव
से बाहर कर दिया जाता है। साथ ही बिल्ली के मरने के बाद उसे पूरे विधि-विधान के
साथ दफनाया जाता है। इस गांव में हर साल देवी मनगम्मा का धूमधाम से त्योहार मनाया
जाता है। ऐसा देश के सिर्फ इसी हिस्से में होता है।


