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- कांग्रेस की डूबती राजनैतिक नैया को पार लगाने के लिए राहुल गांधी खिवैया {अध्यक्ष} बनने को तैयार....
Posted by : achhiduniya
19 December 2020
इस साल अगस्त महीने में गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल समेत कांग्रेस के 23 नेताओं ने
सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी का पूर्णकालिक अध्यक्ष चुने जाने और व्यापक
संगठनात्मक बदलाव करने की मांग की थी। इसे कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी
नेतृत्व और खासकर गांधी परिवार को चुनौती दिए जाने के तौर पर लिया। कई नेताओं ने
गुलाम नबी आजाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। सोनिया गांधी ने कहा कि सभी
नेताओं को साथ मिलकर चलने और संगठन को मजबूत बनाने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में संगठन, तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। कांग्रेस सूत्रों का यह भी कहना है कि बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि वह पार्टी की ओर से दी जाने वाली किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं और अध्यक्ष को चुनने का फैसला चुनाव पर छोड़ना चाहिए। दूसरी तरफ, पत्र लिखने वाले नेताओं के धड़े ने राहुल गांधी की ओर से ऐसी कोई टिप्पणी किए जाने से इनकार किया है। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि
बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने एकमत से राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने की इच्छा जाहिर की। इन नेताओं में कई ऐसे वरिष्ठ नेता भी शामिल थे, जिन्होंने सक्रिय नेतृत्व और व्यापक संगठनात्मक बदलाव की मांग को लेकर पहले पत्र लिखा था। इन नेताओं को G-23 नाम से चर्चा मिली थी क्योंकि अगस्त में सोनिया गांधी को खत लिखने वालों में 23 नेता शामिल थे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में एक बारफिर राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने की मांग उठी। इस पर राहुल गांधी ने कहा, पार्टी उन्हें, जो भी जिम्मेदारी देगी उसे निभाएंगे। साथ ही, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अध्यक्ष को चुनने का फैसला चुनाव पर छोड़ना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कांग्रेस के 20 वरिष्ठ नेता शामिल रहे। बैठक करीब 5 घंटे चली। बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने एकमत से राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की इच्छा जाहिर की। इन नेताओं में कई ऐसे वरिष्ठ नेता भी शामिल थे, जिन्होंने सक्रिय नेतृत्व और व्यापक संगठनात्मक बदलाव की मांग को लेकर पहले पत्र लिखा था। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने कहा, मैं वरिष्ठ नेताओं को महत्व देता हूं। इनमें से बहुत सारे लोगों ने मेरे पिता के साथ काम किया है। अध्यक्ष बनने के वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर उन्होंने कहा,पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाने के लिए तैयार हूं।



