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- कृषि कानूनों का विरोध व समर्थन करने वाले किसान होंगे आमने-सामने
Posted by : achhiduniya
22 December 2020
एक तरफ दिल्ली से सटे इलाको में बीते 27 दिनो से कई किसान संगठन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे
है वहीं केंद्र
सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के समर्थन में किसानों के एक समूह ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे की सड़क पर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के
पक्ष में नारेबाजी की और कृषि कानूनों को लागू करने की मांग की। पिछले एक सप्ताह
से गौतमबुद्ध नगर में कुछ संगठन किसान बिलों का समर्थन करने के लिए गांव-गांव जाकर
पंचायतें कर रहे थे। प्रदर्शन की वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर
सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। अधिकारियों ने बताया कि ये प्रदर्शनकारी मुख्यत:
ग्रेटर नोएडा के जेवर और दादरी के रहनेवाले हैं और उन्हें पुलिस ने कथित तौर पर
महामाया फ्लाईओवर पर रोक दिया। उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा-नोएडा मार्ग पर
सामान्य यातायात करीब तीन घंटे बाद ही बहाल हो पाया। नोएडा यातायात पुलिस के एक
अधिकारी ने बताया कि कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहने के बाद महामाया फ्लाईओवर के
निकट वाले हिस्से पर सामान्य यातायात बहाल हो गई। हालांकि नोएडा से दिल्ली जाने के
लिए अब भी चिल्ला बॉर्डर एक तरफ से बंद है, जहां
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के सदस्य एक दिसंबर से ही नए कृषि कानूनों का विरोध
करने के लिए जमा हैं। अधिकारी ने बताया कि चिल्ला बॉर्डर केवल दिल्ली से नोएडा
जाने वाले लोगों के लिए खुला है। उन्होंने बताया कि नोएडा और दिल्ली की यात्रा
करने वाले लोगों को डीएनडी और कालिंदी कुंज मार्ग से जाने की सलाह दी गई है। इसी
बीच भाकियू (लोक शक्ति) के सदस्य दलित प्रेरणा स्थल पर जमे हैं। वे यहां दो दिसंबर
से ही नए कानून का विरोध कर रहे हैं। यहां आये प्रदर्शनकारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश
के विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखते हैं। ये किसान उस स्थान पर जाना चाहते थे जहां
पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हुए
हैं।


