- Back to Home »
- Discussion »
- संसद का विशेष सत्र बुलाकर कृषि कानूनों को वापस ले सरकार... क्रांतिकारी किसान यूनियन की मांग
Posted by : achhiduniya
02 December 2020
भारतीय किसान यूनियन के एक धड़े ने सरकार को इन
कानूनों पर खुली बहस की चुनौती देते हुए बुधवार को कहा कि सरकार ने इन कानूनों को
लेकर किसानों की आशंकाएं दूर नहीं की तो संगठन से जुड़े किसान प्रदर्शन करने के
लिए दिल्ली कूच करेंगे। भारतीय किसान यूनियन (राधे गुट) के कार्यकर्ताओं ने जिला
मुख्यालय पर अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा गया। क्रांतिकारी किसान
यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार कृषि कानूनों को
वापस लेने के लिए विशेष संसदीय सत्र बुलाए। दर्शन पाल ने कहा कि हमने भारतीय किसान
यूनियन के नरेश सिंह टिकैत से भी बातचीत की है,उन्होंने
कहा है कि वो हमारे साथ हैं। हम इस संघर्ष में साथ हैं। पाल ने आगे कहा कि हमने देश भर में विरोध
स्वरूप 5 दिसंबर को मोदी सरकार और कॉरपोरेट घरानों के खिलाफ प्रदर्शन करने और
पुतले जलाने का आह्वान किया है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधे लाल यादव ने दावा
किया कि सरकार ने किसानों से पूछे बगैर खेती से जुड़े तीन ऐसे कानून संसद में
पारित करा दिए जिनसे किसानों पर ही सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। हम सरकार को इन
कानूनों पर खुली बहस की चुनौती देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर इन कानूनों
को लेकर किसानों की चिंताओं और आशंकाओं को दूर नहीं किया तो हमारी यूनियन से जुड़े
किसान दिल्ली जाकर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। यादव ने कहा कि सरकार नए कृषि कानूनों
को लेकर किसानों की आशंकाएं दूर करने में नाकाम साबित हो रही है। मंगलवार को ही
किसान नेताओं की केंद्र सरकार से इन्हीं कानूनों को लेकर बातचीत हुई थी जो विफल
रही। उन्होंने पूछा, आखिर क्या कारण है कि सरकार
किसानों को संतुष्ट नहीं कर पा रही है? किसान
नेता ने कहा कि सरकार ने जिस हड़बड़ी में इन नए कृषि कानूनों को संसद में पारित
कराया उससे उसकी नीयत पर संदेह पैदा होता है।


