- Back to Home »
- Discussion »
- 'लव जिहाद' पर बने कानून के समर्थन में आया यह मुस्लिम संगठन फतवा जारी कर कही बड़ी बात..
Posted by : achhiduniya
02 December 2020
दरगाह आला हजरत सुन्नी बरेलवी मसलक की अकीदत का
मरकज है। इसकी दुनिया भर में अलग पहचान है। यहां से मुसलमानों को विभिन्न विषयों
पर मजहबी लिहाज से जानकारी भी दी जाती है। राष्ट्रीय सुन्नी उलेमा काउंसिल के
अध्यक्ष मौलाना इंतजार अहमद कादरी ने दरगाह आला हजरत परिसर में स्थित मरकज-ए-दारुल
इफ्ता के मुफ्तियों से सवाल पूछा, क्या कोई मुस्लिम लड़का किसी गैर मुस्लिम लड़की से शादी करने के लिए फरेब यानी धोखाधड़ी कर के उसका मजहब बदलवा
सकता है? इसके अलावा क्या शरीयत में लव जिहाद का कोई वजूद है…? इसके जवाब में दारुल इफ्ता के अध्यक्ष मुफ्ती मुसीबुर्रहमान
रजवी ने फतवा दिया है। फतवे में कुरान और शरीयत की रोशनी में कहा गया है कि लालच
देकर या जबरन धर्म परिवर्तन कराना नाजायज है। दारुल इफ्ता के उलमा ने प्रदेश सरकार
द्वारा गलत तरीके से धर्म परिवर्तन कराए जाने के खिलाफ लाए गए अध्यादेश का समर्थन
किया है। यह फतवा सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। 'लव जिहाद' के बारे में पूछे गए सवाल पर
फतवे में कहा गया है कि इस्लाम में ऐसी किसी भी चीज की कोई जगह नहीं है,यह सामाजिक बुराई है जो पश्चिमी सभ्यता से फैली है,लव अंग्रेजी शब्द है जबकि जिहाद अरबी का शब्द है और इनका एक
दूसरे से संबंध नहीं है। शरीयत की नजर में लव जिहाद की कोई हैसियत नहीं है। उत्तर
प्रदेश सरकार द्वारा कथित 'लव जिहाद' के खिलाफ लाए गए अध्यादेश को लेकर जारी चर्चाओं के बीच सुन्नी
मुसलमानों की आस्था का अहम केंद्र मानी जाने वाली दरगाह आला हजरत से जुड़े एक
संगठन ने इसका समर्थन करते हुए फतवा जारी किया है। इसमें कहा गया है कि लालच देकर
या जबरन धर्म परिवर्तन कराना इस्लाम के नजरिए से नाजायज है।


