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- पीएम मोदी बस क्रोनी पूंजीपतियों के लिए पैसे बना रहे हैं,किसान आंदोलन समर्थन पर बोले राहुल गांधी...
Posted by : achhiduniya
24 December 2020
किसान आंदोलन के समर्थन में मार्च निकालने और राष्ट्रपति से मुलाकात करने की कांग्रेस की कोशिशों के दौरान प्रियंका गांधी सहित कई पार्टी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। राहुल गांधी ने इस मौके पर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भारत में अब लोकतंत्र नहीं रह गया है, अगर आपको लगता है कि यह है, तो यह अब बस आपकी कल्पनाओं में रह गया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भारत में अब लोकतंत्र नहीं रह गया और जो लोग भी पीएम के
खिलाफ खड़े होंगे। उन्हें आतंकवादी बता दिया जाएगा, चाहे वो संघ प्रमुख मोहन भागवत ही क्यों न हों। कांग्रेस नेता ने कहा, पीएम मोदी बस क्रोनी पूंजीपतियों के लिए पैसे बना रहे हैं। जो भी उनके खिलाफ खड़े होने की कोशिश करेगा, उसे आंतकी बोल दिया जाएगा- चाहे वो किसान हों, मजदूर हों या फिर मोहन भागवत ही क्यों न हों। राहुल गांधी किसानों के आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के साथ विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाल रहे थे। इस दौरान पहले उनके मार्च को पुलिस नेरोक दिया था, फिर प्रियंका गांधी सहित पार्टी के कई नेताओं को हिरासत में ले
लिया गया। हालांकि, राहुल को कुछ नेताओं के साथ राष्ट्रपति से मिलने
जाने दिया गया। राहुल ने मीडिया के सामने कहा कि करोड़ों लोग हैं जो कृषि से जुड़े
हुए हैं और यही लोग देश की रीढ़ हैं। हम
मानते हैं कि कृषि क्षेत्र में सुधार होना चाहिए, लेकिन
अगर कृषि को तबाह कर दिया जाएगा तो करोड़ों लोगों को बहुत पीड़ा का सामना करना
पड़ेगा, इन कृषि कानूनों से किसानों को जबरदस्त नुकसान होगा, इन्हें बस चार-पांच उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए
बनाया गया है। इस देश के युवाओं और लोगों को पता होना चाहिए कि पीएम एक अक्षम
व्यक्ति हैं,
जिन्हें कुछ
पता नहीं है और वो जो तीन-चार लोगों
की तरफ से इस व्यवस्था को चला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आइडिया ऑफ इंडिया पर हमला किया जा रहा है और यही वजह है कि कांग्रेस विरोध में
खड़ी है। उन्होंने बताया, राष्ट्रपति से हमने कहा कि ये
कानून किसान विरोधी हैं और इससे मजदूरों और किसानों का बहुत नुकसान होने जा रहा है
और किसान इन कानूनों के खिलाफ खड़ा है। गांधी
ने कहा, प्रधानमंत्री को यह नहीं सोचना चाहिए कि ये मजदूर और किसान वापस
चले जाएंगे। जब तक ये कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक ये किसान पीछे नहीं हटेंगे। संयुक्त
सत्र बुलाइए और कानूनों को वापस लीजिए।



