- Back to Home »
- Knowledge / Science »
- क्या है ब्रेन फॉग और कैसे होता है?
Posted by : achhiduniya
17 December 2020
सबसे पहले तो आपको यही जानना चाहिए कि यह मेडिकल
कंडीशन नहीं है बल्कि आपके सोचने और याद रखने की क्षमता पर एक खास किस्म के असर को
मेडिकल क्षेत्र में ब्रेन फॉग कहा जाता है। इस समस्या से ग्रस्त लोग फोकस कर पाने
या चीज़ों व बातों को याद रख पाने में खुद को अक्षम पाने लगते हैं। गर्भवतियों को यह शिकायत आम देखी गई है। यह
समस्या जब गंभीर होती है तो इसे स्लेरोसिस या एमएस के नाम से भी समझा जाता है। इसमें
सेंट्रल नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है याददाश्त से लेकर, ध्यान, प्लानिंग और भाषा यानी बातचीत
संबंधी समस्याएं तक पेश आती हैं। जानकारों की मानें तो खास किस्म के इलाज या दवाओं
के सेवन के कारण भी यह समस्या हो सकती है अगर किसी दवा के सेवन से आपको महसूस हो
कि आप ठीक से सोच समझ या याद रखने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं तो आपको फौरन
विशेषज्ञ सलाह लेना चाहिए। कैंसर के मरीज़ों को कीमो थैरेपी देने के बाद भी इस तरह
की पेचीदगी सामने आती है, जिसे कीमो ब्रेन भी कहा जाता
है। इसके अलावा, मीनोपॉज़, लगातार
थकान या फटीग सिंड्रोम, डिप्रेशन, नींद संबंधी समस्याओं आदि कारणों से भी ब्रेन फॉग की शिकायत हो
सकती है। ब्रेन फॉग के बताए गए ज़्यादातर कारण लक्षण रूप में उन मरीज़ों में देखे
जा रहे हैं,
जो कोरोना संक्रमित होने के बाद रिकवर हो चुके
हैं। इसका सीधा मतलब यही है कि पोस्ट कोविड किसी भी लक्षण को गंभीरता से लेकर उसका
समय पर इलाज करवाना ज़रूरी है ताकि स्थिति के और गंभीर होने से बचा जा सके।


