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- 4 किसान नेताओं को गोली मारने की साजिश रचने वाले संदिग्ध को किसानों ने पकड़ा....बात कबुलकर मारी पलटी
Posted by : achhiduniya
23 January 2021
किसान 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर रैली निकालने और कृषि कानूनों को रद्द करने की बात पर अड़े हुए हैं, वहीं सरकार अब तक किसानों को मनाने में नाकाम रही है। इस बीच, दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। किसान नेताओं का दावा है कि उसने किसी पुलिसवाले का नाम लिया था। सिंघु बॉर्डर पर जमे किसानों ने आज एक शख्स को
मीडिया के सामने पेश किया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि ये शख्स चार किसान नेताओं को मारने की साजिश के तहत यहां आया था। संदिग्ध ने खुलासा किया है कि प्रदर्शनकारी किसान हथियार लेकर जा रहे हैं या नहीं, यह पता लगाने के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। वह खुद 19 जनवरी से सिंघु बॉर्डर पर है। मीडिया के सामने पेश ये शख्स ने कहा कि हमें इस काम के लिए हथियार मिले थे। जैसे ही किसान 26 तारीख को आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे, और अगर ये नहीं रुकते तो इन पर गोली
चलाने का ऑर्डर था। हमारी 10 लोगों की दूसरी टीम पीछे से गोली चलाती, जिससे दिल्ली पुलिस को ये लगता कि किसानों ने ये किया है। 26 तारीख को जो रैली होगी उसमें आधे लोग घर के होंगे जो पुलिस की वर्दी में होंगे इन्हें तितर बितर करने के लिए। 24 तारीख को स्टेज पर जो चार लोग होंगे उन्हें मारना है, फोटो दे दी गई है। जो हमें सिखाता है उसका नाम प्रदीप सिंह है। राई थाने का एसएचओ है वो। वो जब भी हमसे मिलने आता था मुंह पर कवर लगाकर आता था। हमने उसका बैच देखा था।
जिन्हें मारना था उनका नाम नहीं पता है, उनके फोटो हैं। दिल्ली बॉर्डर से पकड़े गए शख्स का दावा है कि प्रदीप एसएचओ झूठ है, प्रदीप एसएचओ कोई है ही नहीं तो वो कहां से भेजेगा। कोई हथियार आए नहीं हैं तो वो मिलेंगे कैसे। बता दें कि सिंघु बॉर्डर पर पकड़े गए लड़के ने राई के एसएचओ प्रदीप का नाम लिया था और कहा कि उसने किसानों की हत्या करने की प्लानिंग की है जबकि एसएचओ राई का नाम विवेक मलिक है। इस थाने में प्रदीप नाम का कोई और पुलिसवाला नहीं है। राई थाने में पिछले 7 महीने से तैनात एसएचओ विवेक मालिक का कहना है कि मैं भी पीसी लाइव देख रहा था। मैं खुद हैरान हूं। वहीं
दिल्ली पुलिस की ओर से पहले कहा गया कि इस संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं है। पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया था कि यदि किसानों ने किसी संदिग्ध को पकड़ा तो उसे हमें सौंप दे। हम पूछताछ करेंगे। वहीं, अब जानकारी मिली है कि दिल्ली पुलिस संदिग्ध को लेकर सिंघु बॉर्डर से निकल रही थी, तभी किसानों ने उनकी गाड़ी रोक ली। संदिग्ध को पुलिस के वाहन से उतार लिया गया और किसान नेताओं और दिल्ली पुलिस की टीम ने एक कमरे में बातचीत की। पकड़ा गया संदिग्ध भी वहीं था। बाद में पुलिस उसे कुंडली थाने ले गई।




