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- 80 किसान संगठन नए साल का जश्न नहीं मनाएंगे नई रणनीति पर करेंगे विचार....
Posted by : achhiduniya
01 January 2021
बीते 30
दिसंबर को नए कृषि कानूनों के
खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान और केंद्र सरकार के बीच छठे दौर की बाचतीच हुई थी।
लगभग पांच घंटे चली इस बैठक में बिजली दरों में वृद्धि और पराली जलाने पर दंड को
लेकर किसानों की चिंताओं को हल करने के लिए कुछ सहमति बनी, लेकिन दो बड़े मुद्दों पर गतिरोध बना रहा। किसानों की मांग है
कि न्यूनतम समर्थन मूल्य {MSP} के लिए कानूनी गारंटी दी जाए
और तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द किया जाए। राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान लगातार तीनों
कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर एक महीने से
अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जब तक नए कृषि कानूनों को लेकर
उनकी मांगें केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार नहीं कर लिया जाता, वे नए साल का जश्न नहीं मनाएंगे। किसानों का कहना है कि सरकार
ने बिजली बिल में बढ़ोतरी और पराली जलाने पर जुर्माना लगाने से जुड़ी चिंताओं का
समाधान करने का भरोसा दिया है, लेकिन यह जश्न मनाने के लिए
काफी नहीं है। किसान नेताओं और सरकार के बीच अब तक 6 दौर की
बातचीत हो चुकी है, लेकिन पूरा समाधान नहीं निकला है। प्रदर्शन कर
रहे किसानों और सरकार के बीच अब अगले दौर की बातचीत 4 जनवरी को होनी है। इससे पहले आज दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं की बैठक होगी, जिसमें
आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इस बैठक में 80 किसान
संगठन के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।


