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- कृषि कानूनों पर मतभेद 9वें दौर की बातचीत फेल फिर मिली नई डेट....
Posted by : achhiduniya
15 January 2021
बीते 50 दिनो से चल रहे किसान आंदोलन के समाधान पर राजधानी दिल्ली में चल रही केंद्र सरकार और
किसानों के बीच मुलाकात पूरी हो चुकी है। एक ओर सरकार कानूनों में संशोधन के लिए
तैयार है, तो दूसरी ओर किसान नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। सरकार इसे लेकर पहले ही अपना पक्ष साफ कर चुकी है। सरकार ने कहा
है कि कानून वापस लिया जाना कोई विकल्प नहीं है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने
इस वार्ता को लेकर काफी उम्मीद जताई थी। किसानों के साथ चर्चा के बाद तोमर ने कहा किसान
संगठनों के साथ आज की बात निर्णायक नहीं हो सकी। हम 19 जनवरी को फिर बात करेंगे। उन्होंने
कहा हम बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचने की बात पर भरोसा रखे हुए हैं। सरकार ठंड
में प्रदर्शन कर रहे किसानों को लेकर चिंतित है। इस
दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी राहुल
गांधी के बयानों और कामों पर हंसती है, उनका
मजाक उड़ाती है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की तरफ से जारी किए गए 2019 चुनाव का घोषणा पत्र भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा मैं यह
याद दिलाना चाहूंगा कि उनके 2019 के घोषणा पत्र में कांग्रेस
ने वादा किया था कि वे इस बदलाव को लेकर आएंगे। अगर उन्हें याद नहीं है, तो उन्हें अपना घोषणा पत्र दोबारा पढ़ना चाहिए। कृषि मंत्री
तोमर ने इस बातचीत में किसानों से थोड़ा लचीला होने की अपील की है। पंजाब किसान मोर्चा के बलजीत सिंह बाली ने बताया
अपनी बात की शुरुआत में कहा कि आप लोग लगातार यह कह रहे हैं कि सरकार अड़ी हुई है
और इसे अहंकार का मुद्दा बना रही है। जबकि, हमने
आपकी कई मांगें मान ली हैं। आपको नहीं
लगता कि आपको थोड़ा लचीला होना चाहिए और कानून वापस लेने की मांग पर अड़े नहीं
रहना चाहिए। 9वें दौर की बैठक में लंच ब्रेक तक भी किसी बात को लेकर सहमति
नहीं बन सकी थी। वहीं, लंच के बाद न्यूनतम समर्थन
मूल्य गारंटी एक्ट को लेकर बातचीत की गई। अंत में इस मुद्दे पर भी किसान और सरकार
एकमत नहीं हो सके।
बीती 11 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने
नए कानूनों के लागू होने पर रोक लगा दी थी। 4 सदस्यीय टीम का गठन करने उन्हें मामले को खत्म करने की
जिम्मेदारी दी गई थी। किसानों ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसला का स्वागत किया था, लेकिन नई समिति को अस्वीकार कर दिया था। किसानों ने आरोप लगाया
था कि समिति में शामिल लोग कृषि कानूनों के समर्थक हैं। दोनों पक्षों के बीच अगली
मुलाकात 19 जनवरी को आयोजित की जाएगी। राजधानी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में जारी
चर्चा में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और सोम
प्रकाश मौजूद रहे। इससे पहले हुई 8 बार की बातचीत में अब
तक केवल पराली जलाने और सब्सिडी से जुड़ी मांगों पर ही सहमति बन सकी है।





