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- बजट के चिराग से कौनसी उम्मीदों का जिन्न निकलेगा....?
Posted by : achhiduniya
31 January 2021
केंद्र सरकार हमेशा से यह दावा करती रही है कि
गांव, गरीब और किसानों की तरक्की उसकी प्राथमिकता है। इसलिए जिस तरह
की परिस्थितियां बन रही हैं, उसे देखकर माना जा रहा है कि
मोदी सरकार इस बार की बजटे में कृषि क्षेत्र के लिए बड़े ऐलान कर सकती है। इकनॉमिक
रिव्यू 2020-21 में, चालू वित्त वर्ष में इंडस्ट्री
और सर्विस सेक्टर में जहां क्रमश: 9.6 फीसदी और 8.8 फीसदी की गिरावट का अनुमान है, वहीं कृषि और इससे जुड़े सेक्टर्स की ग्रोथ रेट 3.4 फीसदी पर
बरकरार रह सकती है। पीएम मोदी ने बजट से एक दिन पहले रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र का
विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा,खेती को
आधुनिक बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और अनेक कदम उठा भी रही है। सरकार के
प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।' किसानों आंदोलन और बजट से एक
दिन पहले प्रधानमंत्री के इस बयान के काफी मायने हैं। खेती को आधुनिक बनाने के लिए
सरकार प्रतिबद्ध है और अनेक कदम उठा भी रही है। सरकार के प्रयास आगे भी जारी
रहेंगे।
लोग चाहते हैं कि उन्हें फ्री
वैक्सीन मिले। कुल 73.1 फीसदी लोगों ने कहा कि हां उन्हें बजट में सरकार से इस
ऐलान की उम्मीद है कि वो कोरोना वैक्सीन को मुफ्त उपलब्ध कराएगी। वहीं 22.4 फीसदी
लोगों ने कहा कि सरकार को इस बजट में कोरोना वैक्सीन को मुफ्त में हरेक नागरिक को
दिया जाने का एलान नहीं करना चाहिए। वहीं 4.4 फीसदी लोगों ने कहा कि वो इस विषय
में कुछ कह नहीं सकते हैं। कुल 72.7
फीसदी लोगों ने कहा कि हां सरकार को इस बजट में टैक्सपेयर्स को राहत देने वाले कुछ कदमों का एलान करना चाहिए। वहीं 20.2 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें इस तरह की कोई राहत नहीं चाहिए। वहीं 7.1 फीसदी लोगों ने इस पर भी कहा कि इस सवाल के जवाब में वो कुछ कह नहीं सकते हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) समेत कृषि क्षेत्र की तमाम योजनाओं के प्रति किसानों की जागरूकता लगातार बढ़ती जा रही है और इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। पीएम-किसान का सालाना बजट 75,000
करोड़ रुपये है। यह सरकार की महत्वकांक्षी योजना है, इसके बजट में कटौती नहीं होगी। हालांकि इसके बजट में इजाफा होने के संबंध में उन्होंने कुछ नहीं बताया। 81.7 फीसदी लोगों के अनुसार सरकार को स्कूल-कॉलेज की फीस घटाने के लिए गाइडलाइंस की घोषणा करनी चाहिए। 12.4 फीसदी लोगों ने कहा कि सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए। 6 फीसदी लोगों ने इस सवाल के जवाब में कहा कि वो कह सकते हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने कई उपायों के जरिए कोरोना संकटकाल में देश के आम तब के को राहत पहुंचाने के दावे किए लेकिन आम जनता इनके दावों से कितना सहमत है और उसे कितनी राहत मिली ये जानना जरूरी है।




